अहमदाबाद विमान हादसे का नया खुलासा: उड़ान भरते ही पायलट ने दी थी ‘MAYDAY!’ कॉल, फिर टूटा संपर्क

गुजरात के अहमदाबाद में बुधवार को हुए भीषण विमान हादसे से जुड़ी एक बड़ी जानकारी सामने आई है. दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के विमान के पायलट ने उड़ान भरने के तुरंत बाद ही ‘मेडे’ कॉल (Mayday Call) जारी की थी. हालांकि, इस आपातकालीन संदेश के बाद जब एयर ट्रैफिक सर्विस (ATS) ने विमान से संपर्क साधने का प्रयास किया, तो कोई जवाब नहीं मिला और कुछ ही क्षणों बाद विमान धराशायी हो गया. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भारी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है.

रनवे 23 से दोपहर 1:39 बजे भरी थी उड़ान, कुछ ही सेकंड में क्रैश

यह दुखद हादसा तब हुआ जब एयर इंडिया के विमान ने अहमदाबाद हवाई अड्डे के रनवे नंबर 23 से दोपहर 1 बजकर 39 मिनट पर लंदन के लिए उड़ान भरी. बताया जा रहा है कि उड़ान भरते ही पायलट ने नजदीकी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को ‘मेडे’ कॉल दी, जो विमान के किसी गंभीर संकट में होने का संकेत था. लेकिन इस संदेश के बाद विमान की ओर से एटीसी को कोई और सिग्नल नहीं मिला. उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद, विमान मेघानीनगर इलाके के पास धारपुर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल से भारी धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तत्काल तैनात कर दिया गया.

कनेक्टिंग फ्लाइट थी AI-171, दिल्ली से अहमदाबाद पहुंची थी

यह विमान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर अहमदाबाद पहुंचा था. यह एक कनेक्टिंग फ्लाइट थी, जिसे अहमदाबाद में कुछ यात्रियों को उतारना था और नए यात्रियों को लेकर लंदन के लिए रवाना होना था. अहमदाबाद हवाई अड्डे से विमान ने दोपहर 1:17 बजे लंदन के लिए अपनी अंतिम उड़ान भरी. हालांकि, दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच जारी है. इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली है. वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू भी स्थिति का जायजा लेने के लिए अहमदाबाद में दुर्घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं.

‘मेडे’ कॉल! संकट में फंसे विमानों का आपातकालीन संदेश

‘मेडे’ कॉल (Mayday Call) एक अत्यंत महत्वपूर्ण आपातकालीन संदेश होता है, जिसे किसी विमान का पायलट उस समय नजदीकी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भेजता है, जब विमान किसी बेहद गंभीर संकट में फंस जाता है. यह संकट ऐसा होता है, जिसमें विमान में सवार यात्रियों या चालक दल की जान को सीधा खतरा हो. ऐसी स्थितियों में विमान का इंजन फेल होना, विमान में आग लगना, हवा में किसी अन्य विमान से टकराव का खतरा, या हाईजैक जैसी आपातकालीन स्थितियां शामिल हो सकती हैं.

इस कॉल के जरिए पायलट एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और आसपास के अन्य विमानों को तत्काल अलर्ट करता है कि उनके प्लेन को तुरंत मदद की जरूरत है. इस संदेश को अक्सर प्लेन के रेडियो पर तीन बार दोहराया जाता है – “मेडे, मेडे, मेडे” – ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह कोई मजाक नहीं, बल्कि एक वास्तविक और गंभीर संकट है. ‘मेडे’ शब्द फ्रेंच वाक्यांश “m’aider” से आया है, जिसका शाब्दिक अर्थ “मेरी मदद करो” होता है. यह कॉल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हवाई यातायात नियंत्रण में एक सार्वभौमिक संकट संकेत के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो त्वरित प्रतिक्रिया और सहायता का आह्वान करता है.