सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखीं

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए तीन स्पष्ट शर्तें सार्वजनिक कर दी हैं। उन्होंने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक हस्तलिखित नोट जारी करते हुए कहा कि इनमें से कोई एक शर्त पूरी होने पर ही वे अपना अनशन तोड़ेंगे।

वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में अपनी स्थिति को ‘गैरकानूनी हिरासत’ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां उनकी आवाजाही, अभिव्यक्ति और संचार की स्वतंत्रता पर पाबंदियां लगा दी गई हैं।

नीट पेपर लीक पर मंत्री के इस्तीफे की मांग

वांगचुक जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उन्होंने अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखा। सोमवार को उनका अनशन 23वें दिन पहुंच गया।

तीन शर्तें:

  1. केंद्र सरकार शिक्षा क्षेत्र में हाल के वर्षों की विफलताओं, खासकर प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे और सुधारों का ठोस आश्वासन दे।
  2. संसद सदस्यों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का एक प्रतिनिधिमंडल संसद पहुंचकर सभी राजनीतिक दलों से आश्वासन हासिल करे कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सदन में गंभीरता से उठाया जाएगा।
  3. यदि स्वास्थ्य कारणों से अनशन जारी रखना असंभव हो जाए, तो विभिन्न दलों के सांसद और नेता सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें यह भरोसा दिलाएं कि पेपर लीक और शिक्षा सुधार का मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

इस बीच सीजेपी ने सोमवार को संसद मार्च का आह्वान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। मार्च से पहले जंतर-मंतर पर समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटने की आशंका में राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।