केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों पर पुलिस की लाठीचार्ज की घटना और परीक्षा घोटालों के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन में हंगामा खड़ा करने की तैयारी की है।
विधायकों ने इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है और अब प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई हो रही है।
विरोध का कारण
देशभर में NEET-UG 2026 समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद छात्र संगठनों और Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन तेज हो गए। जंतर-मंतर पर चल रहे इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने की घटनाओं ने विपक्ष को नया मुद्दा दिया। कांग्रेस ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को “दहशतगर्दों की B-टीम” बताकर युवाओं का अपमान किया है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने मंत्री से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की है।
सदन में क्या हुआ
कांग्रेस विधायकों ने काली पट्टी बांधकर सदन में प्रवेश किया और तुरंत नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने मांग की कि:
- शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें
- पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो
- प्रभावित छात्रों को न्याय मिले
- प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना की जांच हो