मध्य प्रदेश में जल्द कर्मचारियोंं को मिलेगा प्रमोशन, अगले हफ्ते से लागू हो सकता है

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मध्य प्रदेश में 9 साल से अटकी पदोन्नति की राह जल्द ही खुलने वाली है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद समान्य शासन विभाग के द्वारा पदोन्नति की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा कि अगले हफ्ते तक ये लागू हो सकता है। प्रयास किया जा रहा कि जून तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। ऐसे में समान्य शासन विभाग (GAD) सीनियोरिटी के आधार पर सूची तैयार कर रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) 2025 के पदो के लिए होगी और 2026 के लिए यह सिंतबर में प्रस्तावित है।

जाने नए नियमों में क्या होगा खास

पदोन्नति प्रक्रिया में अब वरिष्ठता के साथ-साथ योग्यता और दक्षता को भी प्रमुखता दी जाएगी। इसके अलावा वार्षिक समीक्षा प्रणाली प्रत्येक कर्मचारी की वार्षिक रिपोर्ट का विश्लेषण कर यह तय करेगी कि वह पदोन्नति के योग्य है या नहीं। साथ ही पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा। ऐसे में डीपीसी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए इसे पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश सरकार की तैयारियां

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अगले सात दिनों के भीतर वैसे कर्मचारियों की सूची तैयार करें जो योग्य है। इस सूची के आधार पर डीपीसी बैठकें आयोजित होंगी। शासन का लक्ष्य है कि एक सप्ताह में इन नियमों को अधिसूचित कर जुलाई महीने के अंत तक सभी लंबित पदोन्नतियों को पूर्ण कर लिया जाए।

पहले आरक्षित फिर अनारक्षित पद भरे जाएंगे

सबसे पहले आरक्षित पद यानि अनुसूचित जाति के लिए 20 और जनजाति के लिए 16 प्रतिशत पद अलग किए जाएगें। ऐसे में पदोन्नति को दो वर्गो में बाँटा गया है जहाँ क्लास 1 के लिए मेरिट कम सिनियरिटी और क्लास 2 के लिए सिनियरिटी कम मेरिट के आधार पर पदों को भरा जाएगा। ऐसे में आरक्षित और अनारक्षित दोंनो वर्गो को इस फैसले का लाभ मिलेगा