बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान का प्रतिष्ठित बंगला ‘मन्नत’ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह इसकी भव्यता नहीं, बल्कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और वन विभाग की संयुक्त जांच है। मुंबई के बांद्रा बैंडस्टैंड स्थित इस आलीशान आवास पर 20 जून, 2025 को एक बड़ी कार्रवाई हुई, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
‘मन्नत’ में रेनोवेशन और CRZ नियमों के उल्लंघन की शिकायत
BMC और वन विभाग की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार को शाहरुख खान के बंगले ‘मन्नत’ का औचक दौरा किया। यह दौरा एक विशिष्ट शिकायत के बाद किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ‘मन्नत’ में चल रहे रेनोवेशन (नवीनीकरण) के काम में तटीय नियमन क्षेत्र (CRZ) के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटाइम्स को जानकारी देते हुए बताया, “हमें रेनोवेशन की अनुमति को लेकर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद हमने साइट का विस्तृत निरीक्षण किया है। इस जांच के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे जल्द ही जमा कर दिया जाएगा।” BMC के एच-वेस्ट वार्ड के बिल्डिंग और फैक्ट्री विभाग के साथ-साथ बिल्डिंग प्रपोजल विभाग के अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण जांच का हिस्सा थे।
हालांकि, जब इस मामले में शाहरुख खान के प्रबंधन से संपर्क किया गया, तो उनके मैनेजर ने ईटाइम्स को बताया, “कोई शिकायत नहीं है। सारा काम नियमों के अनुसार और सभी आवश्यक अनुमतियों के साथ हो रहा है।” यह बयान इस मामले में एक नया मोड़ लाता है, क्योंकि यह आरोपों को सीधे तौर पर खारिज करता है।
पूर्व IPS अधिकारी के सनसनीखेज आरोप: ‘विला वियना’ से ‘मन्नत’ तक का सफर
यह मामला तब और अधिक गरमा गया जब पूर्व आईपीएस अधिकारी और जाने-माने वकील वाई. पी. सिंह ने ‘मन्नत’ के मौजूदा लेआउट और उसके इतिहास को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए। सिंह ने दावा किया कि ‘मन्नत’ मूल रूप से ‘विला वियना’ नामक एक हेरिटेज बिल्डिंग थी, जिसका नाम बाद में बदला गया। उनके अनुसार, 2005 में इस हेरिटेज बंगले के ठीक पीछे एक सात मंजिला अतिरिक्त इमारत का निर्माण किया गया था।
सिंह का आरोप है कि उस समय अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट (शहरी भूमि सीलिंग अधिनियम) लागू था, जिसके तहत बड़े अपार्टमेंट बनाने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि शाहरुख और गौरी खान ने BMC से 12 छोटे-छोटे फ्लैट्स बनाने की अनुमति ली थी, जिनका उद्देश्य सामान्य लोगों के लिए आवास प्रदान करना था। लेकिन, सिंह के मुताबिक, बाद में इन सभी कथित छोटे फ्लैट्स को अवैध रूप से जोड़कर एक अति-विलासितापूर्ण आवास (सुपर लग्जरी निवास) बनाया गया, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
मन्नत’ का व्यापक रेनोवेशन और खान परिवार का अस्थाई ठिकाना
वर्तमान में, ‘मन्नत’ एक बड़े पैमाने पर रेनोवेशन प्रक्रिया से गुजर रहा है। गौरी खान ने हाल ही में न्यूज18 को दिए एक साक्षात्कार में बताया था कि यह रेनोवेशन कार्य अभी कम से कम एक साल और चलेगा, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि जब यह पूरा हो जाएगा तो यह “बेहद शानदार” होगा।
इस व्यापक नवीनीकरण कार्य के चलते, शाहरुख खान, गौरी खान और उनके बच्चे आर्यन, सुहाना और अबराम फिलहाल बांद्रा के पाली हिल में एक किराए के लग्जरी डुप्लेक्स अपार्टमेंट में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। यह अपार्टमेंट प्रसिद्ध फिल्म निर्माता वाशु भगनानी की प्रॉपर्टी ‘पूजा कासा’ का हिस्सा है, और इसका मासिक किराया कथित तौर पर लगभग 24 लाख रुपये है।
अब सबकी निगाहें BMC और वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि ‘मन्नत’ के रेनोवेशन में वाकई कोई अनियमितता हुई है या यह सिर्फ आरोप भर हैं।