Last Date Of Submitting CR Amidst Promotion: प्रदेश में 9 साल से रुकी पदोन्नति को 31 जुलाई तक पूरा होने का फैसला मध्य प्रदेश सरकार कर चुकी है। इसके लिए सरकार ने नए नियम जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने इस फैसले के बीच पहले और दूसरे वर्ष के अधिकारियों को उनकी एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट का सेल्फ असेसमेंट करने के लिए कहा था, जिसकी आज आखिरी तारीख है। रिपोर्ट देने में देरी करने पर पदोन्नति पर पड़ने वाली दिक्कतों के लिए अधिकारीयों के अलावा कोई भी जिम्मेदार नहीं होगा। जीएडी ने वर्ष 24-25 की सीआर रिपोर्ट जारी करने के लिए समय सीमा तय कर दी है जिसका पालन न करने पर पदोन्नति पर असर पड़ सकता है। सी आर समय पर ना देने पर ब्लैंक फॉरवर्ड हो जाएगी जिससे अधिकारियों को नुक्सान हो सकता है।
नियमों में बदलाव का मुख्य उद्देश्य
सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति की पारदर्शिता बढ़ाने और एलीएबल अधिकारियों को समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए ये नई व्यवस्था लागू की गई है। पिछले कुछ सालों में सीआर फाइलिंग में अनियमितताएं और देरी के कई मामले सामने आए थे, जिसके कारण कई योग्य अफसरों की पदोन्नति लंबित रह गई। अब ऑनलाइन सीआर प्रणाली के ज़रिए इस पूरी प्रक्रिया को समय बद्ध और ट्रांसपेरेंट बनाया गया है।
कैसे करें सेल्फ असेसमेंट सीआर जमा?
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने अंडर काम कर रहे अधिकारियों को सीआर भरने की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं। अधिकारी को अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से पोर्टल पर जाकर संबंधित वर्ष की उपलब्धियां और जानकारी दर्ज करनी होती हैं। इसके बाद उनके वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इसका अप्रूव किया जाएगा।
जिम्मेदारी तय की गई
जीएडी ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई अधिकारी सीआर जमा नहीं करता तो इसके लिए संबंधित अधिकारी ही जिम्मेदार होंगे। विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और विभाग प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर ये सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी अधिकारी बिना कारण सीआर दाखिल न करने पाए।
सीआर के महत्व पर जोर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां सिर्फ पदोन्नति ही नहीं बल्कि पोस्टिंग, प्रशिक्षण और अन्य सेवा लाभ में भी महत्वपूर्ण आधार होती हैं। इससे अधिकारी की वर्किंग स्टाइल, लीडरशिप क्षमता, व्यवहार का आकलन होता है।
विभाग की चेतावनी
सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने कहा है कि आखिरी तारीख़ के बाद सीआर पोर्टल खुद बंद हो जाएगा और फिर किसी भी प्रकार का दावा मान्य नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को पहले ही कई बार ई-मेल और मैसेज के माध्यम से रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं।
राज्य शासन का यह कदम प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इससे पदोन्नति प्रक्रिया समय पर और निष्पक्ष ढंग से पूरी होगी तथा योग्य अधिकारियों को उनके कार्य के आधार पर मान-सम्मान मिल सकेगा।