Removal Of Electric Poles and Transformers: मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल को साफ करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। ट्रैफिक में अर्चन बनने वाले बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर को हटा दिया जाएगा। भोपाल में ई-रिक्शा चालन के लिए शहर को 6 जोन में बंटा जाएगा। भोपाल के संसद और किसी अधिकारी ने की शहर में बैठक।
राजधानी भोपाल को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने की दिशा में सांसद आलोक शर्मा ने बड़ी पहल की है। सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा, एडीएम, आरटीओ, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और बिजली विभाग (एमपीईबी) के अधिकारी शामिल हुए।
बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर हटेंगे
सांसद शर्मा ने बताया कि शहर भर में ऐसे कई स्थान हैं जहां बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर ट्रैफिक में बाधा बनते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। इस पर कलेक्टर ने सहमति जताई और एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। ये समिति ऐसे सभी खंभों और ट्रांसफार्मरों की पहचान करेगी जो सड़क सीमा में आते हैं और उन्हें हटाने की कार्यवाही करेगी।
ई-रिक्शा संचालन को छह जोन में बांटा गया
बैठक में ई-रिक्शा संचालन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। यातायात पुलिस द्वारा एक प्रजेंटेशन में बताया गया कि शहर को छह जोनों में बांटते हुए ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। अब ई-रिक्शा कॉलोनियों के अंतिम छोर तक चल सकेंगे, जबकि मुख्य सड़कों पर इन्हें प्रतिबंधित किया जाएगा।
सांसद ने कहा कि ई-रिक्शा न केवल गरीबों को रोजगार का अवसर देते हैं बल्कि हरित परिवहन को भी बढ़ावा देते हैं। इस कारण इनकी संचालन नीति ऐसी होनी चाहिए जिससे पर्यावरण और यातायात दोनों संतुलित रहें।
ट्रैफिक बाधाएं हटेंगी, रोटरियों पर होगी कार्यवाही
शहर में ट्रैफिक में बाधा बन रही। अव्यवस्थित लेफ्ट टर्न की समस्या को देखते हुए सांसद ने इंजीनियरिंग प्लान बनाने को कहा। पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को 8 दिन में अपने-अपने क्षेत्रों में एक अंदाज तैयार कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर ने सहमति जताई।
कंडम वाहनों को हटाने की नीति बनेगी
शहर में कई वर्षों से खड़े जर्जर और अनुपयोगी (कंडम) वाहनों को लेकर भी नीति बनाने की बात हुई। सांसद के सुझाव पर कलेक्टर ने आरटीओ को निर्देशित किया कि ऐसे वाहनों की उम्र निर्धारित कर समय सीमा के बाद उन्हें सड़क से हटाने और नष्ट करने की प्रक्रिया बनाई जाए। यह निर्णय प्रदूषण को कम करने और सड़क को अवरुद्ध होने से बचाने की दिशा में लिया गया।
एमपी नगर बनेगा नो व्हीकल जोन
बैठक में एमपी नगर को नो व्हीकल जोन घोषित करने की दिशा में भी चर्चा हुई। यहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान एमपी नगर व्यापारी संघ के प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित थे। सांसद शर्मा ने बताया कि भविष्य में शहर के अन्य प्रमुख बाजारों को भी इसी तर्ज पर व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।