नगर निगम बिल्डिंग की लागत हुई डबल: 7 बार बदली गई डेटलाइन, लेकिन अब तक नहीं बन सका मुख्यालय

The cost of the municipal corporation building doubled: तुलसी नगर सेकंड स्टॉप के पास लिंक रोड नंबर-2 पर बन रहे नगर निगम मुख्यालय की डेटलाइन 6 से 7 बार बदलने के बाद भी आज तक पूरा नहीं हो पाया है। पिछले दिनों नगर निगम कमिश्नर हरेन्द्र नारायण ने इसका निरीक्षण कर नाराजगी जताई थी। उन्होंने ने इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।जानकारी के अनुसार पहले यह बिल्डिंग 6 मंजिला बनना थी, लेकिन इसके बाद 8 मंजिला कर दी गई। इससे लागत के साथ ही समय भी बढ़ गया। मुख्यालय में बैंक एवं कैफेटेरिया क्षेत्र के साथ ही बैंक के लिए पार्किंग, गेट आदि भी बन रहा है। बिल्डिंग एरिया और अन्य कार्याें के बढ़ने से इसकी लागत भी बढ़ गई। इसके चलते प्रोजेक्ट की कास्ट 22 करोड़ से बढ़कर करीब 40 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। नगर निगम 34 करोड़ रुपए खर्च भी कर चुका है, लेकिन अब तक भवन नहीं मिल पाया है। अब भी कोई स्पष्ट तौर पर बताने को तैयार नहीं है कि यह भवन कब बनकर तैयार हो पाएगा। पहले इसे जुलाई 2023 तक पूरा होना था, लेकिन फिर 6 से सात बार तारीख बढ़ाई जा चुकी है। अंतिम बार इसे 31 मई तक पूरा होना था, लेकिन काम अटका हुआ है।

पहले फ्लोर पर महापौर, निगम अध्यक्ष कमिश्नर आफिस

इस 8 मंजिला इमारत को पब्लिक फ्रेंंडली बनाने के लिए ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर बनाया जा रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर पांच आम लोगों के काम के 5 काउंटर होेंगे। इसमें जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, बिल्उिंग परमिशन, लोक सूचना आदि के काउंटर रहेंगे। अभी की स्थिति में पहले फ्लोर पर महापौर, निगम अध्यक्ष कमिश्नर आफिस, परिषद सदस्य और एडीसी बैठेंगे।

अधिकारी परिषद हाल बनाना भूले

इतना खर्च करने के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही के चलते कार्यालय अधूरा ही साबित होगा। इसमें नगर निगम अधिकारी परिषद हाल बनाना ही भूल गए। इसके लिए जमीन नहीं मिल पाई है। जमीन मिलने के बाद ही उसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। ऐसे में नगर निम मुख्यालय में सभ आॅफिस शिफ्ट होने के बाद भी परिषद की बैठक के लिए आईएसबीटी ही जाना होगा।