Ek Bagiya Maa Ke Naam will be monitored through drone-satellite images: मध्य प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पंद्रह अगस्त से एक बगिया मां के नाम योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना में मोबाइल एप के जरिए हितग्राही का चयन होगा और चयनित महिला हितग्राही को पौधे, खाद, गढ्ढें खोदने, उनकी सुरक्षा के लिए कटीले तार की फेंसिंग और सिंचाई के लिए पचास हजार लीटर का जलकुंड बनाने के लिए राशि भी प्रदान करेगी। पौधरोपण का कार्य सही ढंग से हो रहा है या नहीं। पौधे लगे है या नहीं। इसकी ड्रोन-सैटेलाइट इमेज से बकायदा निगरानी भी की जाएगी। इसके अलावा पर्यवेक्षण के लिए अलग से एक डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा। साथ ही प्रदर्शन के आधार पर प्रथम 3 जिले, 10 जनपद पंचायत व 25 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
मनरेगा परिषद द्वारा पायलेट प्रोजेक्ट के तहत धार जिले की जनपद पंचायत बगिया के ग्राम पंचायत बाग, बाणदा, घोटियादेव, पिपरियापानी, झाबा, चिकापोटी में इसका परीक्षण भी किया जा चुका है।
प्रत्येक ब्लॉक में 100 हितग्राहियों का होगा चयन
एक बगिया मां के नाम योजना अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में न्यूनमत 100 हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। चयनित हुई समूह की पात्र महिलाओं को बकायदा प्रशिक्षित किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत पौधरोपण के लिए जमीन का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। जमीन चिन्हित होने के बाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से भूमि का परीक्षण किया जाएगा। जलवायु के साथ ही किस जमीन पर कौन सा फलदार पौधा उपयुक्त है। पौधा कब और किस समय लगाया जाएगा। यह सब सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पता लगाया जाएगा।
प्रति 25 एकड़ पर 1 कृषि सखी की होगी तैनाती
फलोद्यान की बगिया लगाने के लिए चयनित हितग्राहियों की सहायता के लिए कृषि सखी की तैनाती की जाएगी। ये कृषि सखी हितग्राहियों को खाद, पानी, कीटों की रोकथाम, जैविक खाद, जैविक कीटनाशक तैयार कराने और अंतरवर्तीय फसलों की खेती के बारे में जानकारी प्रदान करेंगी। प्रत्येक 25 एकड़ के फलदार पौधरोपण पर एक कृषि सखी की तैनाती की जाएगी।