Mutton in Sabji: सब्जी में मटन,खंडवा के धूनीवाले दादाजी धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक भावनाओं को आहत करने मामला सामने आया है। यहाँ पैदल यात्राओं के मार्ग में भंडारे और सेवा केंद्र लगते हैं। यह घटना गुरु पूर्णिमा पर्व के दौरान घटी, जब हर वर्ष की भाँति देशभर से हजारों श्रद्धालु खंडवा जिले में दर्शन के लिए पहुंचे थे। ऐसे धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं को भोजन में मटन परोसे जाने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुईं, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक तनाव भी उत्पन्न हो गया।
सेव टमाटर की सब्जी में मटन
जानकारी के अनुसार, रविवार को बोरगांव बुजुर्ग से पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं का एक समूह खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत डुल्हार गांव के पास स्थित राजवीर ढाबा पर रुका। उन्होंने ढाबे से सेव-टमाटर की सब्जी और रोटी की मांगाई । ऐसे में परोसे गए भोजन को खाते समय श्रद्धालुओं को उसमें मटन के टुकड़े दिखाई दिए। यह देखकर वे स्तब्ध रह गए और मौके पर जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
हिंदू संगठनों का हस्तक्षेप और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। जांच के बाद यह बात सामने आई कि उक्त ढाबा मुस्लिम युवक जावेद द्वारा संचालित किया जा रहा था। धार्मिक स्थल की यात्रा के दौरान ऐसी घटना को गंभीर मानते हुए एसडीएम पंधाना दिनेश सावले और एसडीएम खंडवा बजरंग बहादुर सिंह ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ढाबे को सील करने के आदेश दिए।साथ ही, ढाबा संचालक जावेद और उसके एक सहयोगी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके साथ ही ढ़ाबे से काफी मात्रा में शराब भी बरामद की गई। प्रशासन ने इस मामले को धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत संवेदनशील मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है।
धार्मिक संगठनों की मांग और जनआक्रोश:
घटना के बाद स्थानीय धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जिले में संचालित सभी ढाबों और होटलों पर मालिकों का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को भ्रम की स्थिति न हो। इसके साथ ही, गुरु पूर्णिमा पर्व के दौरान जिले में मांस और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसी हो सख्ती
इस घटना ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में लागू नियमों की ओर लोगों का ध्यान खींचा है, जहां धार्मिक स्थलों और मेलों के दौरान मांस और शराब पर पाबंदी रहती है। खंडवा जिले में भी ऐसी सख्ती लागू करने की मांग अब तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की भावनाओं की रक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देशों की आवश्यकता है।