कैश कांड: महाभियोग से पहले SC पहुंचे जस्टिस यशवंत वर्मा, जांच कमेटी की रिपोर्ट को चुनौती

Yashwant Verma Cash Scandal: इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में जज रहते हुए अपने आवास से मिले जले हुए कैश के मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट को अमान्य घोषित करने की मांग की है।

अपनी याचिका में, जस्टिस वर्मा ने आरोप लगाया है कि जांच समिति ने उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया। उन्होंने कहा कि समिति ने एक पूर्व निर्धारित सोच के आधार पर काम किया और जल्दबाजी में अपना निष्कर्ष दे दिया। जस्टिस वर्मा का तर्क है कि इस मामले में सबसे पहले यह जांच की जानी चाहिए थी कि आखिर वह जला हुआ कैश किसका था, लेकिन समिति ने सही तरीके से जांच करने के बजाय उनसे ही यह साबित करने को कहा कि वह कैश उनका नहीं था।

यह गौरतलब है कि जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट 4 मई को तत्कालीन चीफ जस्टिस को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा को दुराचरण का दोषी ठहराया गया था। अब इस बात की भी चर्चा तेज है कि जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाया जा सकता है, जो इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है।