मध्य प्रदेश में चुनावी नवाचार: पंचायत वोटों की लाइव गिनती, विधानसभा चुनावों में भी हो सकता है लागू

देश में पहली बार, मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अभिनव प्रयोग किया है, जिसके तहत सागर और दमोह जिलों में चल रहे पंचायत चुनावों में डाले जा रहे वोटों की गिनती को लाइव प्रदर्शित किया जा रहा है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में इसे विधानसभा चुनावों में भी लागू किया जा सकता है.

राज्य निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश के पंचायत चुनावों में यह महत्वपूर्ण नवाचार शुरू किया है. सागर जिले और दमोह में सरपंच और जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए सत्रह मतदान केंद्रों पर डाले जा रहे मतों को लाइव दिखाया गया. इस पहल को इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (IPBMS) के तहत एक पेपरलेस बूथ की दिशा में एक नवीन कदम बताया जा रहा है. जनपद पंचायत सदस्य के लिए पहली बार IPBMS के माध्यम से मतदान कराया जा रहा है.

पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य

राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान डाले जा रहे मतों को लाइव दिखाने की सुविधा शुरू की है. राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह ने जानकारी दी कि मतदान केंद्रों की लाइव मतदान प्रक्रिया का सीधा प्रसारण भी किया जा रहा है. इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने, साथ ही सागर और दमोह में एक-एक बड़ी स्क्रीन लगाई गई है, जहाँ जनता इस प्रक्रिया को सीधे देख सकती है.

उप-चुनाव और तकनीकी प्रयोग

निर्वाचन आयोग के उपसचिव मुकुल गुप्ता ने बताया कि पंचायत उप-चुनाव में त्रिस्तरीय पंचायतों में रिक्त पदों के लिए 22 जुलाई को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान कराया जा रहा है. इन चुनावों में सरपंच पद के लिए 49 और जनपद सदस्य के पांच पदों के लिए मतदान हो रहा है. इनमें से सागर जिले की चार ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए नौ मतदान केंद्रों और दमोह जिले के वार्ड सोलह के जनपद सदस्य के निर्वाचन के लिए नौ मतदान केंद्रों में इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम (IPBMS) से मतदान कराया जा रहा है. यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और आधुनिकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है.