दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शुक्रवार को कांग्रेस ने ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन का आयोजन किया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों और भागीदारी पर ज़ोर दिया.
‘ओबीसी के मुद्दों को गहरायी से नहीं समझा’
सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, “मैं 2004 से राजनीति में सक्रिय हूं. जब मैं अपने राजनीतिक जीवन को पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे महसूस होता है कि मैंने एक बड़ी गलती की. मैंने ओबीसी समुदाय की उस तरह से रक्षा नहीं की, जैसी मुझे करनी चाहिए थी.” राहुल गांधी ने अपनी इस कमी का कारण बताते हुए कहा, “ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस समय मैं आपके (ओबीसी) मुद्दों को उतनी गहराई से नहीं समझ पाया.”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे इस बात का अफसोस है कि अगर मुझे आपके (ओबीसी) इतिहास और आपके मुद्दों के बारे में थोड़ी भी जानकारी होती, तो मैं उसी समय जाति जनगणना करा लेता. यह गलती मुझसे हुई है. यह कांग्रेस पार्टी की गलती नहीं है, यह पूरी तरह से मेरी व्यक्तिगत गलती है, और मैं इस गलती को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हूं.”
खरगे का पीएम मोदी पर हमला: ‘झूठों के सरदार’ और ‘देश को गुमराह’ करने का आरोप
इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने राहुल गांधी की ओबीसी और दलितों के लिए लड़ाई की सराहना की. खरगे ने लोकसभा चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस को केवल 30 और सीटें मिल जातीं, तो वे केंद्र में सरकार बना लेते.
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ‘झूठों के सरदार’ हैं और उनका काम सिर्फ झूठ बोलना है. खरगे ने उदाहरण देते हुए कहा, “दो करोड़ नौकरी देंगे, यह झूठ था. काला धन देश में लाकर पैसा दूंगा, यह भी झूठ निकला. एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर भी उन्होंने झूठ बोला. ओबीसी वर्ग की आय बढ़ाने के बारे में भी पीएम मोदी ने झूठ बोला. प्रधानमंत्री हर बात में झूठ बोलते हैं, खासकर संसद में.” खरगे ने जनता से आग्रह किया कि वे इसे समझें, क्योंकि उनके अनुसार, पीएम मोदी देश को गुमराह कर रहे हैं.