नदियां चढ़ीं, रास्ते बंद, आज 41 जिलों में अलर्ट भोपाल में सुबह से झमाझम

मध्य प्रदेश में मजबूत मानसूनी सिस्टम के सक्रिय होने के कारण झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है. प्रदेश के कई हिस्सों में नदियाँ उफान पर हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है. राजधानी भोपाल में शुक्रवार रात से ही बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें शनिवार को विशेष रूप से 41 जिलों के लिए चेतावनी दी गई है.

रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिन 41 जिलों में बारिश का अलर्ट है, उनमें से 5 जिलों में रेड अलर्ट, 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल में जुलाई महीने में भारी बारिश का इतिहास रहा है; यहाँ एक ही महीने में 1031.4 मिमी (लगभग 41 इंच) बारिश का रिकॉर्ड भी दर्ज है.

रेड अलर्ट वाले जिलों में रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना और रीवा शामिल हैं, जहाँ अगले 24 घंटों में 8 इंच से अधिक बारिश होने का अनुमान है.

अति भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट वाले जिले गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, मैहर, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली हैं.

नदियों का रौद्र रूप

लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश की प्रमुख नदियाँ, जैसे नर्मदा, पार्वती और दूधी, उफान पर हैं. शहडोल में खपरखुटा नदी में आई बाढ़ से कई गाँवों का संपर्क टूट गया है, और शहडोल-पंडरिया मार्ग भी बंद हो गया है. जैतपुर क्षेत्र में खपरखुटा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

सीहोर के आष्टा में शुक्रवार रात 2 बजे से हो रही तेज बारिश के कारण पार्वती, दूधी और पपनास नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. शहर के पुराना बस स्टैंड बुधवारा स्थित करीब 20 दुकानों में बारिश का पानी घुस गया है. इसी तरह, डिंडौरी में भी भारी बारिश से नर्मदा सहित कई नदियाँ उफान पर आ गई हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है.