हाथ-पैरों में दिखें संकेत, तो समझ लें किडनी हो रही है कमजोर

किडनी की बीमारी शुरू में धीरे-धीरे असर दिखाती है, इसलिए ज्यादातर लोगों को इसका पता ही नहीं चलता। लेकिन अगर आप अपने हाथ और पैरों पर ध्यान दें, तो कुछ जरूरी संकेत दिखने लगते हैं जो बताते हैं कि किडनी में कुछ गड़बड़ हो रही है। अगर समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो सही इलाज शुरू करके बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।

हाथ-पैरों में सूजन आना

जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर में पानी जमा होने लगता है। इससे हाथ, पैर, टखने और पिंडलियों में सूजन आने लगती है। इस सूजन को डॉक्टर एडिमा कहते हैं। त्वचा में ऐसा महसूस होता है जैसे कुछ भारीपन है और उंगली दबाने पर गड्ढा बन जाता है। ये किडनी खराब होने का सबसे शुरुआती संकेत हो सकता है। अगर इसे अनदेखा किया गया, तो सूजन आंखों और चेहरे तक भी पहुंच सकती है।

हाथ-पैर फूलना या फूले हुए दिखना

जब शरीर में पानी जम जाता है, तो हाथ और पैर फूले हुए लगते हैं। सुबह उठते समय या लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने पर ये सूजन और भी साफ दिखती है। अगर बिना किसी वजह के आपके हाथ या पैर बड़े और भारी लगने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। यह सूजन चलने-फिरने में दिक्कत और जकड़न भी पैदा करती है।

त्वचा का रंग और बनावट बदलना

किडनी जब सही तरीके से शरीर का कचरा नहीं निकाल पाती, तो इसका असर त्वचा पर भी दिखने लगता है। हाथ-पैर की त्वचा रूखी, खुजलीदार, पपड़ी जैसी हो सकती है। कुछ लोगों को पीली या भूरी त्वचा भी हो जाती है। ये बदलाव शरीर में खून का प्रवाह व मिनरल संतुलन बिगड़ने से होते हैं। किडनी शरीर में पोटैशियम, कैल्शियम और सोडियम का संतुलन बनाए रखती है। जब ये संतुलन बिगड़ता है, तो पैरों में मरोड़, झटके और कमजोरी महसूस होती है। ये मांसपेशियों में ऐंठन अक्सर रात को सोते समय होती है और बहुत दर्द देती है। अगर हाथ-पैर सुन्न होने के साथ-साथ मरोड़ भी हो रही है, तो ये संकेत नजरअंदाज न करें।

नाखूनों में बदलाव

किडनी की बीमारी में अक्सर हाथ और पैरों के नाखूनों में भी बदलाव दिखते हैं। कुछ लोगों के नाखूनों में ऊपर सफेद और नीचे भूरे रंग का फर्क साफ दिखता है, जिसे हाफ एंड हाफ नेल्स कहा जाता है। इसके अलावा नाखूनों का रंग पीला या फीका भी हो सकता है। ये बदलाव अक्सर शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया के कारण होते हैं, जो किडनी के मरीजों में आम बात है। जब किडनी कमजोर होती है, तो खून का प्रवाह कम हो जाता है। इसके कारण हाथों की उंगलियां और पैरों के पंजे ठंडे या सुन्न महसूस होते हैं। झनझनाहट या चुभन जैसा अहसास भी हो सकता है।