भोपाल (मध्यप्रदेश): साइंस हाउस ग्रुप (SHG) पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई शुक्रवार को समाप्त हुई। विभाग ने भोपाल, इंदौर और मुंबई में समूह से जुड़े लगभग 30 ठिकानों पर लगातार कई दिनों तक तलाशी अभियान चलाया। इस छापे को अब तक के वर्ष 2025 की सबसे बड़ी आयकर कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान विभाग को भारी मात्रा में दस्तावेज़, डायरी और डिजिटल डाटा मिले हैं, जिनमें कथित कर चोरी, फर्जी बिलिंग और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े सबूत शामिल हैं। विभाग के सूत्रों के अनुसार, समूह ने अपने कारोबार का दायरा बढ़ाने और संपत्ति बनाने के लिए कई अवैध तरीकों का सहारा लिया।
अब आयकर विभाग उन सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को नोटिस जारी करेगा जिनके नाम जब्त किए गए दस्तावेजों और डायरियों में दर्ज पाए गए हैं। इसके बाद उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी के दौरान कई बैंक लॉकर भी चिन्हित हुए हैं, जिन्हें अगले सप्ताह खोला जा सकता है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि समूह की ओर से किए गए संदिग्ध लेन-देन की जांच की जाएगी। इसमें फर्जी बिलिंग, झूठे आईटी रिटर्न दाखिल करना, और ग्रुप के मालिक जितेंद्र तिवारी व उनके परिवार के बैंक खातों की गतिविधियां विशेष रूप से जांच के दायरे में हैं।
विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन कंपनियों और व्यक्तियों ने इस गड़बड़ी में सहयोग किया और कर चोरी को अंजाम देने में भूमिका निभाई। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप न केवल भारी कर वसूली होगी, बल्कि भविष्य में बड़े स्तर पर कानूनी कार्यवाही भी हो सकती है।