भोपाल: राज्य स्तरीय सलाहकार समिति और पुलिस कल्याण समिति की बैठक में शुक्रवार को पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह रहा कि ड्यूटी के दौरान शहीद या दिवंगत हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि इस सहायता राशि का प्रावधान पुलिस बल के सभी रैंकों से सालाना 1,200 रुपये अतिरिक्त योगदान से पूरा किया जाएगा। मकवाना ने कहा कि इस कदम से पुलिस परिवारों को मुश्किल समय में आर्थिक संबल मिलेगा।
बैठक में उठाए गए अन्य कदम
बैठक में पुलिस बल के समग्र कल्याण पर विशेष जोर दिया गया। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, लंबित रिक्तियों की पूर्ति, कार्यकुशलता बढ़ाने और जनसुनवाई को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। करुणामूलक नियुक्तियों की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है ताकि शहीद और दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को त्वरित राहत मिल सके। साथ ही, जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है जिससे पुलिस बल की छवि और जनविश्वास मजबूत हुआ है। शिक्षा सहायता कोष में 50% की वृद्धि कर पुलिसकर्मियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए बेहतर सहयोग सुनिश्चित किया गया है। वहीं, लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों के तबादले कर पारदर्शिता और जनता के प्रति भरोसे को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
प्रमोशन और उपलब्धियाँ
बैठक में जानकारी दी गई कि 64 पुलिसकर्मियों को नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट कार्य के लिए आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन दिया गया। वहीं, पुलिसकर्मियों के 6 बच्चों ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में चयन हासिल कर विभाग का नाम रोशन किया।
पुलिस भर्ती बोर्ड के कई प्रस्ताव अब भी सरकार के विचाराधीन हैं। समिति ने उम्मीद जताई कि इन्हें जल्द ही मंजूरी दी जाएगी, जिससे पुलिस बल को नई ऊर्जा और क्षमता मिलेगी।