भोपाल में बड़ा सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट बेनकाब, मासूमों को धकेला जाता था देह व्यापार में

भोपाल: अशुतोष बाजपेयी और उनकी पत्नी महक यादव द्वारा संचालित कथित सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि यह रैकेट नाबालिग और युवतियों को पहले नशे का आदी बनाता था और फिर उन्हें देह व्यापार में धकेल देता था।

 व्हाट्सएप पर तस्वीरें भेजकर होती थी डील 

 अशोका गार्डन पुलिस की जांच में सामने आया कि इस तस्कर समूह ने देशभर की कई लड़कियों को निशाना बनाया। इनके मोबाइल फोन से 200 से ज्यादा युवतियों की तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिनमें मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों की लड़कियाँ शामिल हैं।

आरोपियों ने कबूल किया है कि वे बाहर के राज्यों से लड़कियों को भोपाल बुलाकर ठहराते थे और फिर उन्हें क्लाइंट्स तक पहुँचाते थे। इनके सौदे 5,000 से 20,000 रुपये प्रति रात तक तय किए जाते थे। पुलिस ने बताया कि डील्स व्हाट्सएप पर तस्वीरें भेजकर फाइनल की जाती थीं।

सेक्स  ट्रैफिकिंग रैकेट से जुड़े सदस्य 

 पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में निधि ठाकुर, मकबूल अली (कोलार), पूजा ठाकुर उर्फ डिम्पी, कुलदीप उर्फ कुनाल, सलमान, नावेद खान, मिथिलेश पुरैना, महेश धाकड़, अंजलि मोहले, अर्जुन पटेल, निशांत मोहले, राज सोलंकी, नितिन पाल, कृष्णा धाकड़, शोभाराम, शशांक पोद्दार, रितुल कुमार पांडे, योगेश कुमार, सुरेंद्र चौहान, इंद्र बहादुर, मोहित, लकी और देवांश जैसे कई लोग शामिल थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह रैकेट लड़कियों को भोपाल में 10–15 दिन से ज्यादा नहीं रखता था और उन पर हर समय निगरानी रखता था। शहरभर में कम से कम 26 स्थानीय दलाल इनके लिए हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स की व्यवस्था करते थे।

कैसे हुआ खुलासा? 

इस रैकेट का असली चेहरा तब सामने आया जब जनवरी में अशोका गार्डन से दो साल पहले लापता हुई 15 वर्षीय लड़की को अशोकनगर से बरामद किया गया। पीड़िता ने बताया कि उसे अशुतोष और महक ने 2 लाख रुपये में बेच दिया था। उसके साथ कई लोगों ने दुष्कर्म किया। गैंग ने उसका आधार कार्ड फर्जी बनवाकर उम्र 18 साल दिखा दी थी और उसकी जबरन शादी करवाई गई। बाद में  पीड़िता पर दबाव बना रहा था कि वह अपने पति का घर छोड़कर पैसे और जेवर लेकर फरार हो जाए।

पुलिस की कार्रवाई

 जनवरी में पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े 26 लोगों की पहचान की थी, जिनमें से 18 को गिरफ्तार किया गया था। इनमें दो महिलाएँ भी शामिल हैं। मुख्य आरोपियों अशुतोष बाजपेयी और महक यादव को पहले ही देह व्यापार रोकथाम कानून (Immoral Traffic Prevention Act) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत जेल भेजा जा चुका है। इन पर संगठित अपराध (Organised Crime) का केस भी दर्ज किया गया है। दोनों को अप्रैल 2024 में शाहपुरा के एक होटल में कथित सेक्स वर्कर की हत्या के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था।

 पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह रैकेट संगठित अपराध के बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।