तीन स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट प्वाइंट अधूरे, अक्टूबर में रोलआउट की तैयारी

भोपाल: भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रायोरिटी कॉरिडोर में शामिल आठ स्टेशनों में से तीन स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट अभी तक अधूरे हैं। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि एआईIMS, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस मेट्रो स्टेशन पर केवल एक गेट तैयार है, जबकि प्रत्येक स्टेशन पर दो गेट अनिवार्य हैं। शेष गेट का काम तेजी से किया जा रहा है।

अक्टूबर में सार्वजनिक उपयोग के लिए रोलआउट

राज्य सरकार की योजना है कि अक्टूबर में मेट्रो ट्रेन को जनता के लिए शुरू किया जाए। हालांकि, उद्घाटन की तिथि अभी तय नहीं हुई है। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) 25 सितंबर को भोपाल आएंगे और डिपो व मेट्रो ट्रेन की फिटनेस जांचेंगे। यह उनकी पहली यात्रा होगी। दूसरी यात्रा में वे मेट्रो स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे। उनकी मंजूरी के बाद ही मेट्रो ट्रेन आम जनता के लिए शुरू होगी।

27 ट्रेनें होंगी उपलब्ध

मेट्रो डिपो में ऑपरेशन कंट्रोल रूम, प्रशासनिक भवन और इंस्पेक्शन बे लाइन का काम पूरा हो चुका है।भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए कुल 27 मेट्रो ट्रेनों की मंजूरी मिली है। इनमें से आठ ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। शेष ट्रेनें आवश्यकता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से लाई जाएंगी।

भूमिगत स्टेशन और टीबीएम

पुराने शहर क्षेत्र में दो भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए 20 मीटर से अधिक गहराई तक खुदाई की जाएगी। दिसंबर या जनवरी में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) मंगाई जाएगी। यह पहली बार होगा जब भोपालवासी इतनी गहराई तक खुदाई करती भारी मशीनों को देखेंगे।
भोपाल मेट्रो का ट्रायल और उद्घाटन अब अंतिम चरण में है। हालांकि, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और कुछ तकनीकी कार्यों की चुनौती अभी बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे ताकि अक्टूबर से जनता मेट्रो की सुविधा का लाभ उठा सके।