अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में राष्ट्रीय बधिरता निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय साइन लैंग्वेज सप्ताह पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बधिर व्यक्तियों द्वारा अपने विचार, उद्गार, एवं अपनी दिन प्रतिदिन की बातें व्यक्त करने हेतु जिस भाषा का इस्तेमाल किया जाता है उसके बारे में नाक कान गला विशेषज्ञ द्वारा जानकारी दी गई। डॉ शिव कुमार रघुवंशी विभागाध्यक्ष एव डॉ. आदित्य गरागव सह प्राध्यापक कान नाक गला विभाग द्वारा राष्ट्रीय बधिरता निवारण एवं नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में बताया। अस्पताल में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।जिसमें हाउसकीपिंग स्टाफ सहित सभी कर्मचारियों एवं उपस्थित व्यक्तियों की श्रवण क्षमता का परीक्षण किया गया। शिविर का उद्देश्य श्रवण दोष की शीघ्र पहचान एवं आवश्यक परामर्श प्रदान करना था।
डॉ. शोभित यादव सहायक प्राध्यापक द्वारा बच्चों में होने वाले बहरापन के कारण, बधिरता का पता करने वाले नई मशीनो से अवगत कराते हुए बताया कि मूक बधिर बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट शासन द्वारा नि:शुल्क किया जाता है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शिशुओं एवं नवजात शिशुओं की श्रवण जाँच की जाती है, डॉ. प्रियंका वर्मा सहायक प्राध्यापक द्वारा स्वास्थ्य नारी स्वास्थ्य परिवार अभियान 2025 के अंतर्गत एक कार्यशाला, राजमाता शासकीय महाविद्यालय में आयोजन कर लम्बे समय तक ईयरफोन के प्रयोग से उत्पन्न होने वाले लक्षण, उनके समाधान तथा श्रवण यंत्र के उपयोग की जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में सीनियर रेजिडेंट डॉ. रिया जैन एवं डॉ. आकांक्षा सिंह ,जूनियर रेजिडेंट डॉ. निष्ठा तिवारी डॉ. आदित्य आनंद डॉ. आकाश गोडबोले डॉ. कौशिक अधिकारी, आॅडियोलॉजिस्ट शिल्पी रॉय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।