सोमवार को वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार सप्ताह के पहले दिन गिरावट के साथ खुला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1 नवंबर से चीन पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा के कारण वैश्विक स्तर पर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 82,049.16 पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसमें उतार-चढ़ाव जारी रहा, और वर्तमान में यह 310.92 अंकों की कमी के साथ 82,189.90 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इसी प्रकार, एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स भी 25,177 पर नकारात्मक शुरुआत करने के बाद 68.85 अंकों की गिरावट के साथ 25,219 पर पहुंच गया है।
निवेशक चीन के आयात-निर्यात आंकड़ों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। वहीं, भारतीय बाजार में सितंबर 2025 की मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) दर के आंकड़ों का इंतजार हो रहा है। एशियाई बाजारों में सोमवार को मंदी का माहौल रहा, क्योंकि चीन-अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर पहुंच गया। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नए प्रतिबंध थोपे हैं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
अमेरिकी बाजारों में भी हाहाकार मच गया, जहां वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स एसएंडपी 500 में 2.71 प्रतिशत और नास्डैक कम्पोजिट में 3.56 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई—यह अप्रैल के बाद का सबसे बड़ा एकल दिवसीय नुकसान है। यह सब ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद हुआ, जिससे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और गहरा गया।
शुक्रवार को भारतीय बाजार में सकारात्मक समापन हुआ था, जब सेंसेक्स 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,500 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 0.41 प्रतिशत ऊपर चढ़कर 25,285 के स्तर पर समाप्त हुआ। अब निवेशक आगामी आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर टिकाए हुए हैं।