अन्य राज्यों से को-ऑर्डिनेशन कर एडवेंचर प्रेमी और धार्मिक पर्यटकों को करेंगे आकर्षित
केंद्र के साथ कदमताल कर टूरिज्म सेक्टर को प्रमोट कर रही प्रदेश सरकार की नजर अब एडवेंचर और रिलीजियस टूरिस्ट पर है। टाइगर और वुल्फ स्टेट का दर्जा प्राप्त प्रदेश में अब इंटरस्टेट को-ऑर्डिनेशन से दूसरे वन्य प्राणियों को लाने की कवायद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में परवान चढ़ने लगी हैं। वही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के अयोध्या-प्रयागराज और वाराणसी में आ रहे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रदेश तक लाने का कार्ययोजना पर अमल शुरू हो गया है। दूसरी ओर इंटरस्टेट टूरिज्म को बूस्ट करने के लिए उज्जैन आने वाले आस्थावानों को अबप्रदेश के अन्य धार्मिक स्थानों तक लाने के लिए भी पहल पर भी सीएम डॉ यादव ने कल ओरछा में मुहर लगा दी है।
राइनों से टाइगर की डील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 सितंबर को राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक में कहा था कि दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। मुख्यमंत्री ने आसम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा लाने के प्रयास करने को कहा है। इस बैठक में तीन राज्यों ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने का निर्णय लिया गया था।
बड़े टूरिज्म हब में बदलेगा ओरछा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को ओरछा में विकास कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा था कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 में जब श्रद्धालु मां क्षिप्रा में स्नान कर और महाकाल के दर्शन करके लौटें तो वे ओरछा की भव्यता देखने भी अवश्य ही आएं। जिस प्रकार प्रयागराज महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या पहुंचे थे, उसी प्रकार सिंहस्थ आने वाले भक्त ओरछा के भी अविस्मरणीय दर्शन करेंगे। इसके लिए ओरछा की आधारभूत सुविधाएं, धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण के लिए काम शुरू हो चुका है। जिसके लिए श्रीराम राजा लोक निर्माण के पहले चरण के 130 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास सीएम डॉ यादव ने किया था। वहीं श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के लगभग 125 करोड़ रूपए की लागत वाले दूसरे चरण के निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी थी। यहां के ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण एवं पुरातात्विक परिसर का भूमिपूजन भी किया गया था।