दिल्ली पुलिस ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) से प्रेरित एक आतंकवादी मॉड्यूल के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि वे IED विस्फोटों की तैयारी के अंतिम चरण में थे और हाल ही में उन्हें आत्मघाती हमले का प्रशिक्षण मिला था। गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों का नाम अदनान है। एक आतंकवादी को दिल्ली के सादिक नगर से, जबकि दूसरे को भोपाल के करोंद इलाके से गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके में आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी। हथियार और विस्फोटक भी इकट्ठा कर जब्त कर लिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, ISIS से प्रेरित यह मॉड्यूल पाकिस्तान की ISI की मदद से संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार आतंकवादियों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि उन्हें इस मॉड्यूल से किसने जोड़ा, मॉड्यूल में और कौन शामिल है, फंडिंग कहां से आ रही थी और किस तरह की साजिश रची गई थी।
करोंद क्षेत्र में रहता था भोपाल से गिरफ्तार आतंकी पिता अकाउंटेंट, खुद कर रहा था सीए की तैयार
खबरों के मुताबिक, भोपाल से गिरफ्तार आतंकी अदनान करोंद इलाके का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिवाली से एक दिन पहले आरोपी को गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय आतंकी अदनान सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी समूहों से जुड़ा था। आईएसआईएस से उसके संबंधों की आशंका के चलते उसकी तलाश जारी थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भोपाल से गिरफ्तार आतंकी पहले लखनऊ के एक व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य था। वह स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। अदनान के पिता अकाउंटेंट हैं और उसकी मां भी नौकरी करती हैं। गौरतलब है कि मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले आतंकी अदनान को मध्य प्रदेश एटीएस की मदद से गिरफ्तार किया गया था।
ये कई शहरों में हमलों की साजिश रच रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, इन आतंकियों को ऑनलाइन कट्टरपंथी बनाया गया था। यह मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में बड़े हमले की योजना बना रहा था। फिलहाल गहन जांच चल रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
आशंका: कट्टरपंथी समूहों ने ऑनलाइन किया ब्रेनवॉश
अदनान की पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए, जाँचकर्ताओं का मानना है कि कट्टरपंथी समूहों द्वारा उसे ऑनलाइन कट्टरपंथी बनाया जा रहा था। गौरतलब है कि आतंकवादी समूह मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं पर लगातार नज़र रखते हैं, जिन्हें आसानी से बरगलाया जा सकता है।