मंच पर दो धुरंधर खिलाड़ी मौजूद हैं शिवराज और कपिल: सीएम

विदिशा: संसदीय खेल महोत्सव का आगाज विदिशा खेल स्टेडियम में हुआ। इस मौके पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिलदेव, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री और सांसद शिवराजसिंह चौहान  ने कन्याओं का पूजन कर और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संसदीय खेल प्रतियोगिता में 37 हजार खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। 30 अक्टूबर से 25 दिसम्बर तक चलेंगे। विधानसभा स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर के अलावा जिले स्तर की प्रतियोगिताएं आठों विधानसभा में करवाई जाएंगीं। शुभारंभ मौके पर मंच पर मौजूद अतिथियों ने आठों विधानसभाओं के लिए अलग-अलग मशाल वितरण की और इसके अलावा ब्रज बजाकर विधिवत प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा आतिशबाजी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मंच पर दो खिलाड़ी मौजूद है

एक राजनीति के खिलाड़ी हैं जिन्होंने बीमारु राज्य से मप्र को विकसित राज्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री के मूल भावना के अनुरूप कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यहां ऐसा लग रहा है कि विदिशा नहीं बल्कि दिल्ली में आयोजन हो रहा है। विदिशा नगरी काफी समृद्धशाली नगरी रही है। सम्राट अशोक और मैं स्वयं उज्जैन से आता हूं। विदिशा और उज्जैन दो बहनों जैसी हैं। अशोक और विक्रमादित्य  नाम से भी इस नगर के स्वरुप जुड़े हुए हैं। विदिशा का बीजामंडल इतना विशाल है कि उसकी तर्ज पर हिंदूस्तान की लोकसभा का निर्माण किया गया है।

उन्होंने कहा कि अभी कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा जो मांगे कहीं गई हैं। मैं सभी पर विचार करूंगा। आपने नगरनिगम की मांग की है। अगला चुनाव नगरनिगम का होगा और भोपाल विदिशा रोड भी फोरलेन बनाया जाएगा। इसके अलावा सिंचाई के लिए दो योजनाओं की मांग रखी है। इसे भी मंजूर करता हूं।

हिंदुस्तान को वर्ल्डकप का खिलाब जिताने वाले कपिलदेव ने कहा कि पहलीबार विदिशा आया हूं, लेकिन यहां ऐसा नहीं लग रहा कि पहली बार आया हूं। उन्होंने कहा कि यह देखकर दिल प्रफुल्लित हो गया कि देश खेलों की ओर बढ़ रहा है। विदिशा से इतने अच्छे खिलाड़ी निकल रहे हैं । यह उत्सव है आने वाली पीढ़ि को हम विरासत में दे रहे हैं। ताली बजाने से कुछ नहीं होगा, खेलों के माध्यम से कुछ कर दिखाओ की ताली आपके लिए बजाना पड़े। मप्र को जाना बहुत अच्छा लगा, क्योंकि खेलों में प्रदेश का नाम बहुत ऊपर जा रहा है। बच्चों को खेल के साथ पढ़ाई पर भी ध्यान देना चाहिए। बच्चों के माता-पिता भी बधाई के पात्र हैं। बच्चे कल का भविष्य हैं। अगली बार जब भी आऊंगा बच्चों के साथ मैच खेलूंगा।

कपिलदेव ने जिताया था वर्ल्डकप

कृषि मंत्री एवं सांसद शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मंच पर ऐसी हस्ती मौजूद है। जिसने 1983 में वर्ल्डकप जिताकर देश को सम्मान दिलाया था। 37 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन हुए हैं। आठ विधानसभाओं में अलग-अलग खेलों का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद खेल महोत्सव की शुरुआत की है। उनका प्रयास है कि गांव से लेकर शहरों की प्रतिभाओं को खेलों के माध्यम से जोड़ा जाए।

स्वागत भाषण में विधायक मुकेश टंडन ने कहा कि विदिशा में अभी तक न ऐसा आयोजन हुआ और न कभी होगा। कृषि मंत्री की दूरगामी का परिणाम से आयोजन हो रहा है। विदिशा से सम्राट अशोक का नाम  जुड़ा है। यहां से कई भाजपा के नेताओं का वास्ता रहा है। कृषि मंत्री छह बार सांसद और 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं। मप्र को विकासशील राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार प्रयास  कर रहे हैं।

केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांढवीय ने वर्च्युअल संबोधन करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी और जिले एथलेटिक सेंटर बनाने की घोषणा की।

इस मौके पर सांसद लता वानखेड़े, प्रभारी मंत्री लखन पटेल, राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, विधायक हरिसिंह सप्रे, विधायक उमाकांत शर्मा, विधायक हरिसिंह रघुवंशी, पूर्व मंत्री रामपालसिंह राजपूत, पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव आदि मौजूद रहे।