शिमला की संजौली मस्जिद का मामला अब हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट पहुँच गया है। वक्फ बोर्ड ने शिमला नगर निगम आयुक्त के मस्जिद ध्वस्त करने के आदेशों और जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस याचिका की स्वीकार्यता (Maintainability) पर सोमवार को फैसला करेगा।
ध्वस्त करने की 30 दिसंबर की समय सीमा
यह विवादित मामला बीते साल अगस्त 2024 में दो गुटों की लड़ाई के बाद सुर्खियों में आया था, जिसके बाद पूरे प्रदेश में मस्जिद को तोड़ने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। निगम आयुक्त ने 3 मई 2025 को पूरी मस्जिद को अवैध करार देते हुए पूरा ढाँचा ध्वस्त करने का आदेश दिया था। वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने इस आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी थी। हालाँकि, 30 अक्टूबर को जिला अदालत ने निगम आयुक्त के आदेशों को सही ठहराया और 30 दिसंबर तक अवैध ढाँचे को गिराने के निर्देश दिए थे।
मस्जिद के बाहर 11वें दिन भी अनशन जारी
इस बीच, कोर्ट द्वारा अवैध करार मस्जिद का बिजली-पानी कनेक्शन न काटे जाने की मांग को लेकर संजौली में हिंदू संगठनों का अनशन आज 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। यह पूरा मामला पिछले साल 11 सितंबर को संजौली में हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद अत्यधिक तनावपूर्ण हो गया था। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।