थाईलैंड के दक्षिणी क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को तेजी से बढ़कर 145 हो गई है, जिससे देश पर गंभीर आर्थिक संकट के बीच और अधिक दुख का माहौल बन गया है। अकेले सॉन्गख्ला में 110 मौतें दर्ज की गई हैं। यह संख्या शुक्रवार सुबह की रिपोर्ट की तुलना में लगभग दोगुनी है।
आपदा निवारण और शमन विभाग के अनुसार, देश भर में 1.25 मिलियन से अधिक घर और 3.6 मिलियन लोग किसी न किसी रूप में प्रभावित हुए हैं।
आर्थिक मंदी छाने का खतरा
यह बाढ़ थाईलैंड के लिए एक मुश्किल वर्ष के अंत में आई है। देश पहले से ही आर्थिक मंदी (सितंबर तक तीन महीनों में GDP $0.6\%$ सिकुड़ी) और घटते पर्यटन से जूझ रहा है।
सरकार के प्रवक्ता सिरिपोंग अंगकासाकुलकीत ने स्वीकार किया कि आपदा प्रबंधन प्रयासों के दौरान “त्रुटियाँ हुई हैं,” जिससे 10 सप्ताह पुरानी सरकार पर आलोचनाएं बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविरकुल ने राहत प्रयासों में तेजी लाने के लिए विशेष आपातकालीन कानून लागू किए हैं।
बैंक ऑफ थाईलैंड की वरिष्ठ निदेशक प्रणी सुथासरी ने बताया कि सॉन्गख्ला और नाखोन श्री थम्मरत प्रांत, जो सबसे अधिक प्रभावित हैं, देश के वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग $2.6\%$ का योगदान करते हैं। क्रुंगश्री रिसर्च ने बाढ़ से थाईलैंड को 23.6 बिलियन baht ($734 मिलियन) तक के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया है।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि नुकसान की भयावहता को देखते हुए, बैंक ऑफ थाईलैंड की 17 दिसंबर को होने वाली अगली ब्याज दर बैठक में दरें कम करने की संभावना बढ़ सकती है।
क्षेत्रीय प्रभाव और मौसम पूर्वानुमान
थाईलैंड के निचले दक्षिणी क्षेत्र में आगामी दिनों में मानसून की बारिश धीमी होने का अनुमान है, जिससे 30 नवंबर से 4 दिसंबर तक कम बारिश होने की उम्मीद है। इसी बीच, दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में उष्णकटिबंधीय चक्रवात ‘सेनयार’ से आई बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 72 लोगों की मौत हुई है।