बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के विकास पदाधिकारी भावेश कुमार सिंह के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम ने पटना में चार और गोपालगंज में दो जगहों पर दबिश दी, जिसमें करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है।
EOU की टीम को पटना के बिहटा स्थित भावेश कुमार की राइस मिल से सबसे पहले 40 लाख रुपए नकद बरामद हुए। इसके अलावा, पटना स्थित उनके आवास से भी बड़ी मात्रा में कैश और ज्वेलरी जब्त की गई है। टीम ने जब अलमारी की तलाशी ली, तो वहां से कई जमीन के पेपर और महंगी घड़ियाँ भी बरामद हुईं।
यह कार्रवाई सुबह 9 बजे एक साथ शुरू हुई। पटना स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान भावेश कुमार सिंह मौजूद थे। बताया गया है कि टीम के पहुंचने पर नौकर ने दरवाजा खोला, और इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों को देखकर वह चौंक गए। टीम अंदर दाखिल हुई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेन गेट को लॉक कर दिया गया। टीम ने भावेश को एक कमरे में बिठाया और उनसे पूछताछ शुरू की। पहले तो उन्होंने सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान बेड खोलकर अंदर रखे बैग निकाले गए, जिनमें कैश मिला।
भावेश कुमार सिंह का पैतृक घर गोपालगंज में है। टीम ने गोपालगंज स्थित उनके पैतृक घर और उनके नाम से कथित रूप से संचालित एक पेट्रोल पंप पर भी दबिश दी है। आर्थिक अपराध इकाई अब जब्त की गई संपत्ति और नकदी के स्रोतों की गहन जांच कर रही है ताकि उनकी कुल आय से अधिक संपत्ति का मूल्यांकन किया जा सके। भावेश कुमार सिंह से अभी भी विस्तृत पूछताछ जारी है।