उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर घने कोहरे के चलते एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। इस भीषण टक्कर के तुरंत बाद, वाहनों में आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप दुखद रूप से चार लोगों की जलकर मौत हो गई।
हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका
मरने वालों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका है। मौके पर मौजूद भास्कर रिपोर्टर ने बसों के अंदर मानव अंग फंसे हुए देखे। एक प्रत्यक्षदर्शी युवक ने दावा किया कि उसने अकेले बस से 8 से 9 शव बाहर निकाले हैं।
शुरुआती सूचना के अनुसार, इस दुर्घटना में 66 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि लगभग 150 लोगों को 20 एम्बुलेंसों की मदद से अस्पताल भेजा गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और जाम
जिलाधिकारी (DM) चंद्र प्रकाश सिंह ने जानकारी दी कि यह दुर्घटना बलदेव थाना क्षेत्र के अंतर्गत माइलस्टोन 127 पर हुई। पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम ने छह घंटे की मशक्कत के बाद बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) पूरा किया। हादसे के कारण एक्सप्रेस-वे पर लंबा यातायात जाम लग गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे पर अचानक घना कोहरा छा गया। इसी दौरान, एक बस ने अपनी गति धीमी की, जिससे पीछे आ रहे कई वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए (चेन रिएक्शन)।
प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि “ऐसा लगा जैसे बम फटा हो।” लोगों को अपनी जान बचाने के लिए बसों के शीशे तोड़कर बाहर कूदना पड़ा। एम्बुलेंस कर्मचारी अमित कुमार ने कहा कि हताहतों की वास्तविक संख्या का आकलन अभी करना कठिन है।
मुआवजे का ऐलान और शिनाख्त की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) राधा बल्लभ ने बताया कि शवों का पोस्टमॉर्टम दो टीमें मिलकर करेंगी। चूंकि शव बुरी तरह जल चुके हैं, इसलिए उनकी शिनाख्त के लिए DNA टेस्ट कराया जाएगा। CMO के पास 17 बॉडी बैग भेजे गए हैं, जिनमें जले हुए शवों के अवशेष और टुकड़े रखे गए हैं, जिन्हें घटनास्थल से लाया गया है। उन्होंने कहा कि आगजनी के कारण, एक बैग में एक ही बॉडी होगी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।