दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर आ रही है। शनिवार तड़के स्थानीय समयानुसार करीब 2:00 बजे राजधानी कराकस कम से कम सात भीषण धमाकों की आवाजों से दहल उठी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना द्वारा किया गया है। धमाकों के तुरंत बाद पूरे शहर के ऊपर कम से कम ऊंचाई पर उड़ते (Low-flying) लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनी गई, जिससे राजधानी में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
शहर में दहशत और मिलिट्री मूवमेंट
धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कराकस के विभिन्न मोहल्लों में सो रहे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विस्फोटों के दौरान आसमान में तेज रोशनी और आग के गोले देखे जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कराकस की सड़कों पर बख्तरबंद टैंकों और भारी सैन्य वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में इमरजेंसी (आपातकाल) लागू करने की घोषणा कर दी है।
ट्रंप का रुख और टकराव की वजह
यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका और वेनेजुएला के बीच महीनों से चल रहे तनाव का चरम बिंदु मानी जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाने की नीति अपनाई है। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो सरकार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और अवैध नशे के कारोबार में लिप्त है। इससे पहले 31 दिसंबर को भी ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के एक पोर्ट पर ड्रग-लॉन्च बेस को नष्ट किया है।
तेल और संसाधनों की जंग?
दूसरी ओर, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो इन हमलों को सीधे तौर पर वेनेजुएला की संप्रभुता पर हमला बता रहे हैं। मादुरो सरकार का आरोप है कि अमेरिका उनकी निर्वाचित सरकार को गिराकर वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल टैंकरों को जब्त किए जाने के बाद से ही युद्ध की आशंका जताई जा रही थी।
फिलहाल इन धमाकों में जान-माल के नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। वेनेजुएला की सुरक्षा एजेंसियां स्थिति का जायजा ले रही हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब वॉशिंगटन और कराकस से आने वाले आधिकारिक बयानों पर टिकी हैं, क्योंकि यह घटना पूरे लैटिन अमेरिका को एक बड़े सैन्य संघर्ष की ओर धकेल सकती है।