आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। चांदी ने पिछले तीन दिनों में लगभग 13,000 से 14,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि सोना भी अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती औद्योगिक मांग ने इन कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी बनी हुई है। एमसीएक्स पर चांदी के मार्च वायदा अनुबंध में आज 4% से अधिक की छलांग लगी, जिससे यह 2.75 लाख से 2.90 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच पहुंच गई। बाजार खुलते ही चांदी में करीब 13,000 रुपये की एकदम उछाल आई, जो इसे नए रिकॉर्ड स्तर पर ले गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 85-90 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है, जो सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी मजबूत मांग के कारण है। आपूर्ति में कमी और अमेरिका द्वारा इसे महत्वपूर्ण खनिज घोषित करने से भी चांदी की अपील बढ़ी है।
सोने की स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। आज 24 कैरेट सोना 1.42 लाख से 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी, फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने सोने को सपोर्ट दिया है।
प्रमुख शहरों में आज के अनुमानित भाव इस प्रकार हैं:
- दिल्ली में 24 कैरेट सोना लगभग 1,42,690 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,75,100 से 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच है।
- मुंबई में सोना 1,42,540 से 1,43,620 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2,75,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर है।
- चेन्नई में सोना और चांदी दोनों में प्रीमियम देखा जा रहा है, जहां चांदी 2,90,000 रुपये से ऊपर जा सकती है।
- कोलकाता और बैंगलोर में सोना 1,40,000 से 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है, जबकि चांदी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
- ये भाव बाजार खुलने के साथ बदल सकते हैं और स्थानीय ज्वैलर्स पर मेकिंग चार्ज तथा टैक्स अतिरिक्त लगते हैं।
कीमतों में इस उछाल के पीछे कई कारण हैं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव जैसे ईरान से जुड़े मुद्दे और व्यापार विवादों ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई है। चांदी की औद्योगिक जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि सोने में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी रिकॉर्ड स्तर पर है। रुपये की स्थिति और त्योहारी सीजन ने भी घरेलू मांग को मजबूती दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में यह रुझान जारी रह सकता है। सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस और चांदी 95-100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई पर मुनाफावसूली की बिकवाली भी संभव है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल BIS हॉलमार्क वाले सोने-चांदी की ही खरीदारी करें और बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए फैसला लें।