मोतिहारी में विराजे विश्व के सबसे बड़े महादेव: 210 टन के शिवलिंग की स्थापना संपन्न, CM नीतीश बने साक्षी

बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित कैथवलिया में शनिवार को ‘विराट रामायण मंदिर’ में विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग (सहस्त्रालिंगम) की स्थापना के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। माघ कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित देश भर के प्रमुख साधु-संतों ने शिरकत की।

210 टन का शिवलिंग और आधुनिक तकनीक

ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित इस अद्भुत शिवलिंग का कुल वजन 210 टन है। इतनी विशाल संरचना को स्थापित करने के लिए राजस्थान और भोपाल से 750 टन क्षमता वाली दो विशेष क्रेनें मंगवाई गई थीं। इस पूरी प्रक्रिया की तकनीकी देखरेख टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) की टीम द्वारा की गई। स्थापना के दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।

देश की पवित्र नदियों के जल से अभिषेक

स्थापना अनुष्ठान के लिए अयोध्या, काशी, हरिद्वार और महाराष्ट्र से आए विद्वान पंडितों ने मंत्रोच्चार किया। अभिषेक के लिए कैलाश मानसरोवर, गंगोत्री, यमुनोत्री, प्रयागराज और कावेरी समेत 8 प्रमुख नदियों का पवित्र जल मंगाया गया था। मंदिर को सजाने के लिए कंबोडिया और कोलकाता से विशेष फूल मंगाए गए और महादेव को भांग-धतूरे से बनी 18 फीट लंबी विशेष माला अर्पित की गई।

राम गमन पथ का आध्यात्मिक महत्व

यह मंदिर उस मार्ग पर स्थित है जिसे ‘राम गमन पथ’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विवाह के बाद प्रभु श्रीराम माता सीता के साथ इसी रास्ते से जनकपुर से अयोध्या लौटे थे। अरेराज महात्म्य और गरुड़ पुराण में भी इस क्षेत्र के महत्व का उल्लेख मिलता है।