मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई उनकी विवादित टिप्पणी को लेकर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय ले।
“मगरमच्छ के आंसू” है ऑनलाइन माफी
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने मंत्री विजय शाह के माफीनामे को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन माफी मांगना केवल कानूनी दायित्व से बचने का एक तरीका है। सीजेआई ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “माफी मांगने में अब बहुत देर हो चुकी है। आप एक पब्लिक फिगर हैं, आपको बोलते समय शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।” इससे पहले कोर्ट ने उनकी माफी को “मगरमच्छ के आंसू” करार दिया था।
SIT ने सौंपी रिपोर्ट, सरकार की मंजूरी का इंतजार
कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। अब केवल राज्य सरकार की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है ताकि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा-196 (सांप्रदायिक घृणा फैलाना) के तहत कार्रवाई शुरू की जा सके। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में शाह द्वारा अन्य मौकों पर दी गई आपत्तिजनक टिप्पणियों का भी जिक्र किया है।