अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के मंच से एक बार फिर विवादित दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप के बिना भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में परमाणु युद्ध छिड़ गया होता। ट्रम्प ने वैश्विक नेताओं के सामने जोर देकर कहा कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में उन्होंने कई ‘ना सुलझने वाले युद्धों’ को समाप्त किया है, जिनमें भारत-पाक संघर्ष सबसे प्रमुख था। उनके अनुसार, दोनों देश न्यूक्लियर युद्ध की कगार पर थे और उनके दखल ने करीब 2 करोड़ लोगों की जान बचाई। ट्रम्प ने इसे अपनी कूटनीतिक जीत बताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकने का श्रेय केवल उन्हें जाता है।
कांग्रेस का तंज और पीएम मोदी के ‘अच्छे दोस्त’ पर हमला
ट्रम्प के इस बयान पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रम्प का वीडियो साझा करते हुए तीखा तंज कसा कि कल तक इस दावे की गिनती 70 थी और आज यह 71 हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष किया कि उनके ‘अच्छे दोस्त’ और उन्हें कई बार गले लगाने वाले नेता अब तक दर्जनों बार यह झूठ बोल चुके हैं। रमेश ने चिंता जताई कि दावोस में भारत का एक बड़ा आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल मौजूद है, फिर भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।
भारत सरकार और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वास्तविक स्थिति
भारत सरकार ने ट्रम्प और इससे पहले चीन द्वारा किए गए इसी तरह के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत का आधिकारिक रुख यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। भारतीय सैन्य रिकॉर्ड के अनुसार, 6 और 7 मई की रात को भारत ने बहावलपुर और मुरीदके में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए पलटवार की असफल कोशिश की थी। अंततः, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारी नुकसान के बाद भारतीय सेना से संपर्क किया और 10 मई को दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत के जरिए युद्ध विराम हुआ था।