विश्व संवाद केंद्र मालवा द्वारा आयोजित वार्षिक साहित्यिक उत्सव ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ का पांचवां संस्करण (पंचम सोपान) 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक इंदौर में होने जा रहा है। इस वर्ष उत्सव की मुख्य थीम ‘भारत उदय’ रखी गई है, जिसके अंतर्गत उभरते भारत, सांस्कृतिक जागरण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा।
इस साहित्यिक आयोजन का मूल उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं पर वैचारिक जागृति लाना और सांस्कृतिक प्रबोधन करना है। विशेष रूप से ‘अहिल्या पर्व’ के तहत मालवा की ऐतिहासिक विरासत, भारतीय ज्ञान-परंपरा और संस्कृति पर केंद्रित चर्चाएं होंगी।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की पत्रकारिता एवं जनसंवाद अध्ययनशाला तथा मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में पुस्तक मेला, प्रदर्शनी, पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहेंगे। पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन 30 जनवरी को सुबह 9 बजे होगा।
मुख्य आकर्षण और वक्ता
उद्घाटन सत्र में केरल के राज्यपाल राजेन्द्र आर्लेकर ‘भारत उदय का आधार: स्वबोध’ विषय पर मुख्य व्याख्यान देंगे। पहले दिन आरएसएस मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, अभय महाजन, वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धिमान मिश्र, अनुराग शर्मा सहित कई प्रमुख वक्ता संबोधित करेंगे।
दूसरे दिन नर्मदा, सिनेमा, लोकसंस्कृति तथा वैश्विक मंच पर भारत जैसे विषयों पर सत्र होंगे। लोकगायिका मालिनी अवस्थी विशेष संवाद में भाग लेंगी।
समापन दिवस पर भारत की आंतरिक चुनौतियां, महिला नेतृत्व और ‘ब्रेकिंग इंडिया’ जैसे मुद्दों पर परिचर्चाएं होंगी। अंतिम सत्र में आरएसएस के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी का व्याख्यान होगा।
अन्य कार्यक्रम
तीन दिनों के दौरान पुस्तक मेले के साथ ‘भारत उदय’ थीम आधारित प्रदर्शनी, विभिन्न पुस्तकों का विमोचन और मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी। पहले दिन ‘शिव-स्तुति’ नृत्यनाटिका का मंचन होगा, जबकि दूसरे दिन कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।