मध्य प्रदेश में राशन वितरण की समस्या हल: अब 1.32 करोड़ लाभार्थियों को बिना रुकावट मिलेगा अनाज

मध्य प्रदेश के करीब 1 करोड़ 32 लाख लाभार्थियों को अब सुचारु रूप से राशन उपलब्ध हो सकेगा। राज्य में पिछले पांच दिनों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की बायोमेट्रिक PoS मशीनें सर्वर खराबी के कारण बंद पड़ी थीं, जिससे 28 हजार से अधिक उचित मूल्य दुकानों पर राशन वितरण पूरी तरह ठप हो गया था। इससे लाखों गरीब परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गुरुवार को तकनीकी खामी दूर कर ली गई है। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार से सभी दुकानों पर सामान्य रूप से राशन वितरण शुरू हो जाएगा। विजन टेक कंपनी द्वारा लगाई गई इन मशीनों में अंगूठे की बायोमेट्रिक पहचान के बाद ही अनाज दिया जाता है। सर्वर डाउन होने और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के चलते मशीनें काम नहीं कर रही थीं।

जिला आपूर्ति अधिकारी चंद्रभान सिंह जादौन ने कहा कि पिछले पांच दिनों से सर्वर में लगातार समस्या बनी हुई थी। मशीनों का अपग्रेडेशन और सॉफ्टवेयर अपडेट का काम चल रहा था, जिस कारण वितरण प्रभावित हुआ। अब समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है और कल से नियमित रूप से राशन मिल सकेगा।

राज्य में कुल 1 करोड़ 32 लाख 45 हजार 841 लाभार्थी हैं, जिन्हें 28 हजार 70 राशन दुकानों से अनाज वितरित किया जाता है। भोपाल जिले में 502 दुकानें हैं, जहां से लगभग 3.50 लाख हितग्राहियों को राशन मिलता है।

राशन की मात्रा इस प्रकार है:

  • प्राथमिक घरों में प्रति सदस्य 5 किलोग्राम अनाज मिलता है, जिसमें 4 किलो गेहूं और 1 किलो फोर्टिफाइड चावल शामिल है।
  • अंत्योदय परिवारों को प्रति परिवार 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है, जिसमें 30 किलो गेहूं और 5 किलो चावल के अलावा 1 किलो चीनी और 1 किलो नमक भी शामिल होता है।