पश्चिम दिल्ली के साइबर सेल ने साइबर ठगों के खिलाफ देशव्यापी स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक सप्ताह तक चले विशेष अभियान के दौरान 11 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर कुल 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इस ऑपरेशन में पुलिस ने लगभग 10 बड़े साइबर फ्रॉड मामलों का खुलासा किया, जिसमें निर्दोष लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि इन मामलों में सीधे तौर पर 1.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी हुई है। हालांकि, आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच में 13.91 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का पता चला, जिसके अन्य साइबर ठगी मामलों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) शरद भास्कर ने इस सफल अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर सेल की टीम लंबे समय से विभिन्न ठगी की शिकायतों की तकनीकी जांच कर रही थी। डेटा एनालिसिस और डिजिटल ट्रेस के आधार पर आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल में समन्वित छापेमारी की गई।
ये ठग मुख्य रूप से निवेश घोटाले, खतरनाक APK फाइल इंस्टॉल करवाकर डेटा चोरी, व्हाट्सएप-इंस्टाग्राम पर फर्जी स्कीम चलाने और क्रेडिट कार्ड अपडेट के बहाने लोगों को ठगते थे। कार्रवाई में पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की, जिसमें 25 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड, 20 बैंकिंग कार्ड (डेबिट/क्रेडिट), एक पीओएस मशीन, एक बाइक तथा ढेर सारे बैंक दस्तावेज और चेकबुक शामिल हैं।
वर्तमान में पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके और ठगी गई राशि की वसूली संभव हो सके। पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने और संदिग्ध लिंक या कॉल पर भरोसा न करने की अपील की है।