45 लाख का माल जब्त: बिलासपुर-रायपुर सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश

बिलासपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एंटी साइबर एंड क्राइम यूनिट (ACCU) और सिविल लाइन थाना की संयुक्त टीम ने फरार घोषित मुख्य खाईवाल राजेश उर्फ राजा बजाज (34) और उसके साथी प्रदीप खत्री को रायपुर स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 6 लाख 90 हजार रुपये नकद, तीन लग्जरी कारें (होंडा सिटी, मारुति ब्रेजा और मारुति स्विफ्ट डिजायर), महंगे मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक, चेकबुक तथा सट्टे के हिसाब-किताब वाले रजिस्टर सहित कुल लगभग 45 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है। जांच में 10 से अधिक बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन के प्रमाण भी मिले हैं, जिनकी गहन जांच जारी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ‘रिक्की पैनल’ के माध्यम से एविएटर, विंगो, कैसिनो, हॉर्स राइडिंग जैसे ऑनलाइन गेम्स पर सट्टा संचालित कर रहे थे। यह नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था। टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों को जोड़ा जाता था तथा लिंक उपलब्ध कराकर दांव लगवाए जाते थे। गिरोह में मुनाफे का बंटवारा तय था, जिसमें हेड ऑफिस को 65 प्रतिशत और स्थानीय एजेंटों/ऑपरेटरों को 35 प्रतिशत हिस्सा मिलता था।

बताया गया है कि राजेश बजाज (निवासी गार्डन सिटी, मोपका, सरकंडा) पर पहले से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों आरोपी लगातार ठिकाना बदलकर फरारी में थे और ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। दिसंबर 2025 में गिरफ्तार एक अन्य सटोरिए मनोज पोपटानी की पूछताछ से इस नेटवर्क का खुलासा हुआ था, जिसके आधार पर इनकी तलाश तेज की गई।

पुलिस ने रायपुर पहुंचकर होटल रजिस्टर की जांच के बाद कमरे में छापेमारी की, जहां महिला के नाम पर बुक रूम में दोनों आरोपी मिले। तलाशी में सट्टे के रिकॉर्ड और अन्य सामान बरामद हुआ। आरोपियों द्वारा फर्जी सिम कार्ड और आम लोगों के बैंक खाते (कमीशन के लालच में) इस्तेमाल कर लेन-देन किया जाता था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह ने बताया कि यह पहला मामला है जिसमें सटोरिए के खिलाफ वित्तीय जांच (फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन) शुरू की गई है। आरोपियों के नाम पर लगभग 50 लाख रुपये का मकान मिलने की जानकारी है तथा अन्य संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है, जिन्हें शीघ्र कुर्क करने की कार्रवाई होगी।

एसएसपी ने कहा कि ऐसे अवैध कारोबार से आम लोगों की मेहनत की कमाई लूटने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस अब आर्थिक स्तर पर सख्त प्रहार कर रही है, ताकि आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा जुटाकर इन गिरोहों को जड़ से खत्म किया जा सके।