लेबनान में बुधवार को इजराइल की वायुसेना ने बड़े पैमाने पर हमले किए, जिसमें एक ही दिन में कम से कम 254 लोगों की मौत हो गई और 1,165 से ज्यादा लोग घायल हुए। लेबनान की सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह हमले देश के कई हिस्सों में हुए, जिनमें बेरूत शहर, उसके दक्षिणी उपनगर (दाहिया), बेका घाटी, सिदोन और दक्षिणी गांव शामिल हैं। अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ लग गई है और कई जगहों पर मलबे में लोग दबे होने की आशंका है।
इजराइली सेना ने इन हमलों को अपना अब तक का सबसे बड़ा एक साथ हमला बताया। सेना के मुताबिक, मात्र 10 मिनट में करीब 100 हिजबुल्लाह संबंधित ठिकानों पर हमले किए गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री राकान नस्रेद्दीन ने इसे निर्दोष नागरिकों पर आक्रामकता करार दिया और कहा कि अस्पताल पूरी तरह भर गए हैं।
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने गुरुवार को पूरे देश में राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित कर दिया। इस दौरान सरकारी दफ्तर, सार्वजनिक संस्थाएं बंद रहेंगी और झंडे आधे झुके रहेंगे। प्रधानमंत्री ने हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए यह फैसला लिया।
ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर लागू होने के कुछ घंटों बाद हुए। इजराइल का कहना है कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता, जबकि पाकिस्तान का दावा है कि सीजफायर पूरे क्षेत्र पर लागू है।
ईरान का सख्त रुख
ईरान ने इन हमलों को सीजफायर का खुला उल्लंघन बताया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने कहा कि सीजफायर और युद्ध एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने अमेरिका पर तीन प्रमुख शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया और आगे की वार्ता को अनुचित करार दिया। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दुनिया लेबनान में हो रही जनहानि देख रही है और अब गेंद अमेरिका के पाले में है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात रोकने का फैसला लिया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
इजराइल का पक्ष
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सीजफायर केवल ईरान से संबंधित है और हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इजराइल का दावा है कि हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों पर थे।