बाग सेवनिया थाना क्षेत्र के लहारपुर ब्रिज नाले के पास एक बुजुर्ग महिला को चलती कार से फेंक दिए जाने की खबर सोमवार को सामने आई थी। हालांकि पुलिस जांच में इस घटना की पुष्टि नहीं हो सकी है। महिला के सीने पर लगे निशानों को भी स्टेपलर पिन नहीं, बल्कि ब्लाउज के हुक से हुई चोट बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, रविवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे लहारपुर ब्रिज के पास एक तेज रफ्तार कार ने स्पीड कम की और उसमें सवार अज्ञात लोगों ने एक 60-65 वर्षीय महिला को कार से बाहर फेंक दिया। स्थानीय लोगों ने दावा किया था कि महिला को जानबूझकर फेंका गया। घटना की सूचना स्वयंसेवी संगठन चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर को दी गई, जिसके सदस्यों ने महिला को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया।
मंगलवार रात महिला अस्पताल से लापता हो गई। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस महिला की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया नया मोड़
पुलिस ने घटना के सूचनाकर्ता और स्थानीय चश्मदीदों के बयान दर्ज किए हैं। हैरानी की बात यह है कि किसी भी व्यक्ति ने महिला को कार से फेंके जाते हुए नहीं देखा। आसपास के रहवासियों ने भी इस घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।
बुधवार को पुलिस को महिला की मेडिकल रिपोर्ट मिली, जिसमें सीने पर पाए गए निशानों को ब्लाउज के हुक आई चोट बताया गया है। शुरुआत में इन निशानों को स्टेपलर पिन से जुड़ा होने का दावा किया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि यह महिला पहले भी लहारपुर नाले के आसपास भीख मांगती हुई देखी गई थी।पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापता महिला को ढूंढने के लिए प्रयास जारी हैं। फिलहाल कार सवार लोगों द्वारा महिला को फेंकने की कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।