नेशनल हाईवे-31 पर शनिवार शाम को एक भयानक सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। कोढ़ा ब्लॉक के निकट एक अनियंत्रित बस ने तेज रफ्तार में एक पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में 27 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों में 10 महिलाएं और एक नाबालिग बच्ची शामिल हैं। मरने वालों में एक ही परिवार के पांच सदस्य भी थे। अधिकांश मृतक पूर्णिया जिले के रहने वाले थे, जो झारखंड के कठिया मेला धाम से दर्शन करके पिकअप वाहन से घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस चालक शराब के नशे में था और गाड़ी 100 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा की रफ्तार से दौड़ रही थी। हादसे से कुछ पल पहले बस ने एक बाइक सवार पिता-पुत्र को कुचल दिया, जिसमें दोनों की तुरंत मौत हो गई। इसके तुरंत बाद बस ने सामने आ रही पिकअप को इतनी तेज टक्कर मारी कि पिकअप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर की भीषणता ऐसी थी कि आसपास के लोगों को बम विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी। पूरी घटना महज 50 सेकंड के अंदर घटी।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हादसे वाली बस (नंबर BR-34G-0110) पिछले पांच साल से फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना ही सड़कों पर दौड़ रही थी। इन दस्तावेजों की वैधता वर्ष 2021 में ही समाप्त हो चुकी थी।
दुर्घटना के बाद सड़क पर लाशों का अम्बार लग गया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने क्रेन की मदद से बस की बॉडी काटकर फंसे हुए शवों और घायलों को बाहर निकाला।
कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसपी ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बिहार के मुख्यमंत्री ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। सभी घायलों का इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है, जिनमें कई की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।