गिरावट के साथ भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत 

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को कमजोरी के साथ खुला। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के कारण निवेशक सतर्क नजर आए। अमेरिका और ईरान के बीच समझौता टूटने के बाद बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। निवेशकों को डर है कि दोनों देशों के बीच तनाव लंबे समय तक जारी रह सकता है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा। साथ ही आईटी क्षेत्र में भारी बिकवाली ने भी सूचकांकों को नीचे खींचा।

सुबह के सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 79,019 के स्तर पर खुला। मंगलवार को यह 79,273 पर बंद हुआ था। सुबह 9:25 बजे सेंसेक्स 453.05 अंक यानी करीब 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,820.28 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह निफ्टी-50 इंडेक्स 24,470 पर खुला और थोड़ी देर बाद 117.90 अंक या 0.48 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,495.20 पर पहुंच गया। मंगलवार को निफ्टी 24,500 के ऊपर बंद हुआ था।

बाजार पर सबसे ज्यादा असर आईटी शेयरों की बिकवाली से पड़ा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 9 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड भी प्रमुख रूप से लाल निशान में रहे।

दूसरी ओर कुछ शेयरों में खरीदारी भी दिखी। हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस जैसे शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी आईटी में करीब 3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर भी दबाव में रहे। वहीं एफएमसीजी, मीडिया, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

व्यापक बाजार में मिडकैप शेयर लगभग सपाट रहे, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.42 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद होने की ओर था, जो बड़े शेयरों से बेहतर प्रदर्शन दर्शा रहा था।