भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला 

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की और शुरुआती सत्र में करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी, ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। होरमुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात प्रभावित होने की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिसका असर बाजार पर साफ दिखाई दिया।

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 77,983 अंक पर खुला और जल्द ही गिरकर 604.76 अंकों की कमजोरी के साथ 77,911.73 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को यह 78,516 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी गिरावट के साथ 24,202 अंक पर खुला और शुरुआती कारोबार में 167.05 अंक फिसलकर 24,210 पर कारोबार करता दिखा, जबकि पिछला बंद 24,378 अंक था।

बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रही। होरमुज़ स्ट्रेट में आपूर्ति बाधित होने की आशंका से निवेशकों में बेचैनी बढ़ी है, जिससे महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ने की चिंता गहरा गई है।

इसके अलावा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। इन कंपनियों में गिरावट का सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा।

भू-राजनीतिक मोर्चे पर स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल को घोषित युद्धविराम को जारी रखने की बात कही है, हालांकि ईरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार किया है। दोनों देशों के बीच जारी इस खींचतान का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी आई है।