रीवा में 3 जैन साध्वियों को कार से कुचलने पर जैन समाज में आक्रोश, NHRC ने सरकार को नोटिस जारी किया

रीवा में 3 जैन साध्वियों को कार से कुचलने की घटना से जैन समाज में भारी आक्रोश है। समाज ने इसे “जैन संतों की हत्या” और ‘अहिंसा’ के सिद्धांत पर हमला बताया है। घटना के विरोध में मध्य प्रदेश समेत देश के कई शहरों में मौन जुलूस और रैलियां निकाली गईं।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल जैन धर्मशाला पहुंचे और पीड़ित पक्ष से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि CCTV वीडियो से साफ है कि कार जानबूझकर चढ़ाई गई। यह सामान्य हादसा नहीं है। पुलिस को निष्पक्ष और सख्त जांच के निर्देश दिए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल और संत सुरक्षा नीति लागू करने की मांग की। जैन संगठनों का कहना है कि देशभर में विहार करने वाले संतों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।

विदिशा के विनोद के. शाह की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और डीजीपी कैलाश मकवाना को नोटिस जारी किया है। 

आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि मामले में दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन मांगा गया है। आयोग ने घटना को गंभीर बताते हुए जवाब तलब किया है।

जैन समाज ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और संतों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।