मध्य पूर्व में फिर से तनाव बढ़ने के साथ इजराइल ईरान के खिलाफ एक और सैन्य कार्रवाई करने को तैयार बैठा है। इजराइली अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस प्रस्तावित हमले के लिए मंजूरी मांगी है और अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की पूरी तैयारी रखी है।
इजराइल की सेना पहले से ही उच्च स्तर की तैयारियों पर है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने हाल ही में साफ कहा कि यदि स्थिति बिगड़ी तो ईरान पर “पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली” हमले किए जा सकते हैं। उनका जोर है कि सेना हवाई श्रेष्ठता हासिल करने और ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
ट्रंप की मंजूरी क्यों जरूरी?
वरिष्ठ इजराइली सूत्रों के मुताबिक, जेरूसलम ट्रंप प्रशासन से सैन्य समर्थन, हथियारों की आपूर्ति और आर्थिक सहयोग की भी उम्मीद रखता है। ट्रंप फिलहाल व्हाइट हाउस में सुरक्षा अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। 9 जुलाई को नेतन्याहू और ट्रंप के बीच हुई फोन बातचीत में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियों पर चर्चा हुई।
इजराइली रणनीतिकारों का आकलन है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से मजबूत कर रहा है, जो इजराइल और पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसलिए वे ट्रंप से तुरंत कार्रवाई की अनुमति चाहते हैं।
मौजूदा हालात
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संघर्ष बढ़ा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। ट्रंप ने पुराने संघर्षविराम को खत्म होने की घोषणा भी की है। इजराइल इस समय सीधे मुकाबले में शामिल नहीं है, लेकिन वह किसी भी बड़े अभियान में अमेरिका के साथ कदम मिलाने को तैयार है।