चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और कथित आंतरिक असहमति को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा कार्रवाई की मांग पर कांग्रेस ने शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन आयोजित किए। दिल्ली, पटना, देहरादून सहित अनेक शहरों में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और नारेबाजी की।
दिल्ली में युवा कांग्रेस ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर की ओर मार्च निकाला। कई कार्यकर्ताओं ने सीईसी के चेहरे वाले मास्क लगाए और हाथों में जंजीरें बांधकर विरोध जताया। चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई तथा बैरिकेडिंग की गई।
पटना में बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च के दौरान पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सांसद पप्पू यादव समेत कई नेता भी भीग गए। प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और पद से हटाने की मांग दोहराई।
देहरादून में सांसद कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सचिवालय स्थित चुनाव कार्यालय की ओर कूच किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। ज्ञापन सौंपकर सीईसी को तुरंत हटाने और जांच कराने की मांग की गई।
असम में प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। चंडीगढ़ में भी पुलिस ने वाटर कैनन का सहारा लिया, जबकि जम्मू, लखनऊ और अन्य स्थानों पर पुतले जलाए गए तथा नारेबाजी हुई।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चेतावनी दी कि यदि ज्ञानेश कुमार शनिवार तक इस्तीफा नहीं देते तो 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से मुंबई से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसे अन्य शहरों में भी फैलाया जाएगा। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान किया।
कांग्रेस का कहना है कि एसआईआर संबंधी फैसलों पर दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त एकतरफा तरीके से काम कर रहे हैं। पार्टी ने पूरे देश में चुनाव आयोग कार्यालयों के सामने प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया था।