भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में हल्की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी 22,700 के नीचे कारोबार कर रहा था।
दो दिनों की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार नजर आया, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा। सेंसेक्स 90.53 अंक की बढ़त के साथ 72,619.60 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 20.50 अंक गिरकर 22,695.70 पर कारोबार कर रहा था।
प्रमुख कंपनियों में टीसीएस के शेयरों में करीब एक फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर दो फीसदी तक लुढ़क गए। मंगलवार को निफ्टी में 211 अंकों की गिरावट आई थी, हालांकि दिन के निचले स्तर से 0.6 फीसदी की रिकवरी के साथ यह 22,716 पर बंद हुआ था।
बाजार पर विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली का नकारात्मक असर पड़ रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और रुपये का दो महीने के निचले स्तर के आसपास मंडराना भी अस्थिरता बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित रुझान देखने को मिला। टोक्यो समय अनुसार सुबह 10:52 बजे तक एसएंडपी 500 वायदा 0.2 फीसदी ऊपर था। जापान का टॉपिक्स 0.6 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.7 फीसदी बढ़ा। हांगकांग का हेंग सेंग 0.4 फीसदी गिरा, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.4 फीसदी की बढ़त रही। यूरो स्टॉक्स 50 वायदा 0.5 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा था।