कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि विपक्षी दल 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग का घेराव करेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर सरकार के नियंत्रण में काम करने का आरोप लगाया और इसे कठपुतली करार दिया। यह बयान इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद दिया गया, जिसमें 19 विपक्षी दलों के नेता मौजूद रहे।
संविधान क्लब में हुई इस बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव आयोग की कार्यशैली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद खड़गे ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि सभी दल एक स्वर में आगे की रणनीति पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए। खड़गे का आरोप था कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से निकाल दिए गए हैं, जिससे लोकतंत्र की मूल भावना प्रभावित हो रही है।
आंदोलन का रोडमैप
खड़गे ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक देश के हर जिले में ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकाले जाएंगे। जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन भी होंगे। 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसद चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करेंगे। अक्टूबर और नवंबर में पांच बड़े जनसभा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।
बैठक में भागीदारी
इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट), वाम दल समेत 19 दल शामिल हुए। उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअल माध्यम से जुड़े। आम आदमी पार्टी और डीएमके ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। खड़गे ने बैलेट पेपर से मतदान कराने, एसआईआर से पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष पूरी तरह एकजुट है।