देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 23,038 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 20,160 करोड़ रुपये था।
ब्याज से होने वाली शुद्ध कमाई (नेट इंटरेस्ट इनकम) में अच्छी वृद्धि दर्ज हुई। यह लगभग 15 प्रतिशत बढ़कर 49,143 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह 42,847 करोड़ रुपये थी। कुल ब्याज आय भी करीब 10.5 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये रही।
बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार दिखा। सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.39 प्रतिशत रह गया, जबकि शुद्ध एनपीए 0.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। खराब ऋणों के लिए किए गए प्रावधान में भी उल्लेखनीय कमी आई और ये घटकर 2,759 करोड़ रुपये रह गए।
ऋण खाता (एडवांस) 17.8 प्रतिशत बढ़कर 52 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। जमा राशि में भी 12 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। इस तिमाही में बैंक को कुछ हिस्सेदारी बिक्री से एकमुश्त लाभ भी मिला, जिसने मुनाफे को सहारा दिया।
बैंक के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत संभावनाएं हैं और एसबीआई इन अवसरों का लाभ उठाने की अच्छी स्थिति में है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.11 प्रतिशत रहा और बैंक इसे तीन प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। समेकित आधार पर एसबीआई समूह का शुद्ध लाभ 20 प्रतिशत बढ़कर 25,361 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।