राजधानी को प्रदूषण से मुक्त रखने और पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रानिक वाहनों की इस्तेमाल करने की समझाइश दी जा रही है। ताकि धुआं नहीं निकलने से वायु शुद्ध रहे। इन स्टेशनों पर चार्जिंग की व्यवस्था बदहाल है। गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब दो साल पहले 9 ई-चार्जिंग स्टेशन लगाए गए थे। इनमें एमपी नगर की मल्टीलेवल पार्किंग में दो, न्यू मार्केट की मल्टीलेवल पार्किंग में दो, लेक व्यू पर दो, बैरागढ़ विसर्जन घाट पर दो और स्मार्ट सिटी ऑफिस में एक चार्जिंग स्टेशन शामिल है। लेकिन अब ये सभी स्टेशन बदहाल हालत में पड़े हैं। कहीं मशीनें बंद हैं तो कई जगह चार्जिंग पॉइंट पर कर्मचारी ही नहीं है। शहर के किसी भी स्टेशन पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नही होता। एमपी नगर और न्यू मार्केट की पार्किंग में लगाए गए स्टेशन का हाल यह है कि वहां वाहन चालक पहुंचते तो हैं, लेकिन मशीनें चालू नहीं होतीं। कई लोगों ने बताया कि स्क्रीन पर एरर दिखता है और चार्जिंग शुरू ही नहीं होती। स्मार्ट सिटी ओफ्फिस में बना स्टेशन भी सिर्फ नाम मात्र का है। जब ईवी चार्जिंग स्टेशन मामले में बीसीएलएल को ही रखरखाव करने का जिम्मेदार बताया। वहीं बीसीएलएल के मैनेजर का कहना है कि सभी ईवी चार्जिंग स्टेशन के रख-रखाव की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी की है। यानी दोनों ही एजेंसी अपनी जिम्मेदारी से बचती नजर आ रही हैं।