तिलकगंज में नगर परिक्रमा आज पच्चीस रथों से संपन्न होगी

सागर: नगर परिक्रमा आज पच्चीस रथों से संपन्न होगी, अंतिम दिवस 25 मंडलीय समवसरण विधान के सफल आयोजन के उपरांत 31 अक्टूबर को प्रात:7:30 बजे परम पूज्य आर्यिका 105 विजिज्ञाश्री माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में नगर परिक्रमा विधान स्थल से प्रारंभ होगी जो की लच्छू चौराहा, नमक मंडी, तीन बत्ती, गुजराती बाजार, वर्णी कालोनी होते हुए विधान स्थल (चुन्नी पटैल का बगीचा) पहुंचेगी आप सभी श्रावक श्रेष्ठि इस मंगल परिक्रमा में शामिल होकर पुण्य अर्जन करें। तिलकगंज में चल रहे 25 मंडलीय कल्पद्रुम महामंडल विधान में 600 श्री फलों से अर्घ समर्पित, आज हवन कुंड में आहुतियो उपराँत विधान सम्पन्न, माताजी ने अपने प्रवचनों में बताया जो व्यक्ति धार्मिक कार्यो को करने में सहयोगी बनते हैं एक दिन वह भी सहयोग करते-करते स्वयं ही आराध्य और जिनेंद्र भगवान बन जाते हैं। माताजी ने बताया कि भगवान के समवशरण में बैठना भी बहुत बड़ा पुण्य है।

माताजी ने बताया पुण्य के प्रभाव से और भक्ति करने से सुंदर स्वरूप भी प्राप्त होता है पुण्य की प्राप्ति होने से सांगोपांग शरीर एवं यश एवं वैभव की प्राप्ति होती है माताजी ने कहा कि न केवल तिलकगंज अपितु संपूर्ण सागर वालो की विशेष पुण्य के प्रति आराधना करने वाले हैयह भी कहा कि जो व्यक्ति धार्मिक कार्यों में सहयोग करते हैं वह स्वयं भी देव अवस्था को प्राप्त करते हैं।